1. हिन्दी समाचार
  2. जीवन मंत्रा
  3. एक शोध में हुआ खुलासा, प्रदुषण के कारण छोटा हो रहा है पुरुषों का प्राइवेट पार्ट

एक शोध में हुआ खुलासा, प्रदुषण के कारण छोटा हो रहा है पुरुषों का प्राइवेट पार्ट

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वैज्ञानिक का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। न्‍यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में प्रफेसर डॉ शन्‍ना स्‍वान ने अपनी रिसर्च में कहा है कि पॉल्यूशन के कारण पुरुषों का प्राइवेट पार्ट छोटा हो रहा है। जिससे आधुनिक दुनिया में पुरुषों के घटते स्पर्म, महिलाओं और पुरुषों के जननांगों में आ रहे विकास संबंधी बदलाव और इंसानी नस्ल के खत्म होने का खतरा मंडराने लगा है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

According To A Research Revealed The Private Part Of Men Is Getting Smaller Due To Pollution

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वैज्ञानिक का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। न्‍यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में प्रफेसर डॉ शन्‍ना स्‍वान ने अपनी रिसर्च में कहा है कि पॉल्यूशन के कारण पुरुषों का प्राइवेट पार्ट छोटा हो रहा है। जिससे आधुनिक दुनिया में पुरुषों के घटते स्पर्म, महिलाओं और पुरुषों के जननांगों में आ रहे विकास संबंधी बदलाव और इंसानी नस्ल के खत्म होने का खतरा मंडराने लगा है।

पढ़ें :- संसदीय समिति ने ट्विटर से कहा कि देश का कानून सर्वोच्च है, आपकी नीति नहीं

स्वान ने अपनी रिसर्च के आधार पर एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि मानवता के आगे बांझपन का संकट पैदा हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्‍लास्टिक बनाने में इस्‍तेमाल होने वाला एक केमिकल ‘फैथेलेट्स’ एंडोक्राइन सिस्‍टम पर असर कर रहा है।

आज कल के बच्चों में एनोजेनाइटल डिस्टेंस कम हो रहा है। यह लिंग के वॉल्यूम से संबंधित समस्या है। फैथेलेट्स रसायन का उपयोग प्लास्टिक बनाने के काम आता है। ये रसायन इसके बाद खिलौनों और खाने के जरिए इंसानों के शरीर में पहुंच रहा है।

 

पढ़ें :- ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम से होती है वसूली : बीजेपी विधायक राकेश गिरी

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...
X