2 लाख जमा करवाने वालों पर भी होगी आरबीआई की नजर

नई दिल्ली। नोटबंदी के 39 दिन बीत जाने के बाद आम आदमी के सामने कैश की किल्लतें तो कम होती नहीं दिख रहीं हैं, लेकिन इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 8 नवंबर 2016 के बाद एकाएक 2 लाख या उससे अधिक की राशि नकद जमा करने वालों के खातों से पैसे निकालने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही आरबीआई ने सभी बैंकों से ऐसे खातों की जानकारी मांगी है। जिसकी जांच आरबीआई करवाएगी। हालांकि आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि जिन खातों में सामान्य रूप से बड़ी रकमें जमा होती रहीं हैं उन्हें​ किसी प्रकार की परेशानी पेश नहीं आएगी।




आरबीआई के अधिकारियों के मुताबिक़ यह निर्देश ऐसे खातों को ध्यान में रखकर दिया गया है जिनमे नोटबंदी से पहले तक सामान्य लेन देन न के बराबर था या फिर कुछ हजार तक सीमित था। ऐसे खातों में नोटबंदी के बाद एकाएक 2 लाख या इससे अधिक रकम जमा करवाई गई है। ऐसे सभी खाते आयकर विभाग की नज़र में हैं। ऐसे खातों में जमा हुई बड़ी रकमों को संदिग्ध माना जा रहा है। ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ लोग इन खातों के जरिए कालेधन को सफ़ेद करने में लगे है। ऐसे कई मामले अब तक सामने आ चुके है, जिनमें कालाधन रखने वाले अपने नौकरों और मजदूरों को लालच देकर उनके खातों के जरिए अपनी रकम को छोटे—छोटे हिस्सों में तोड़कर सफेद करने में लगे हैं। ऐसे लोग आयकर विभाग की जांच में आ सकते है।




बिना पैनकार्ड लिंक के नहीं निकलेगा खाते का पैसा

आरबीआई ने 16 दिसंबर को भी एक नया निर्देश जारी किया है। जिसके मुताबिक जिनके बैंक खाता धरकों का पैन नंबर और पैनकार्ड खातों से लिंक नहीं है और खातों में जमा रकम 5 लाख रुपये से ज्यादा की है तो उन्हें पैनकार्ड लिंक कराए बिना प्रयोग में नहीं लाया जा सकेगा। पैनकार्ड के विकल्प के रूप में फार्म 60 भरकर भी खाताधारक अपने पैसे का प्रयोग कर सकेंगे।