यूपी के 2682 मदरसों की मान्यता पर लटकी तलवार

यूपी के 2682 मदरसों की मान्यता पर लटकी तलवार

लखनऊ । यूपी के मान्यता प्राप्त करीब 19000 मदरसों में 2682 मदरसों की मान्यता खतरे में नजर आ रही है। ये ऐसे मदरसे हैं जिन्होंने यूपी सरकार के मदरसा पोर्टल पर अपना ब्यौरा नहीं डाला है। यूपी सरकार मदरसा संचालकों को सहूलियत देते हुए कई बार इस प्रक्रिया की समय सीमा को बढ़ा चुकी है, इसके बावजूद इन मदरसों ने अपना ब्यौरा अपलोड नहीं किया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष अगस्त में मदरसों के लिए पोर्टल बनाया गया था। सरकार का कहना था कि जिन मदरसों को सरकारी मदद मिलती है वे अपना ब्यौरा इस पोर्टल पर अपलोड़ करें, जिसके आधार पर सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण की दिशा में काम शुरू करेगी। मान्यता प्राप्त् मदरसों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि उन्हें अपने ब्यौरे अनिवार्य रूप से इस पोर्टल पर जमा करवाने होंगे।

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18 अगस्त को शुरू हुए इस वेब पोर्टल पर मदरसों को अपनी प्रबन्ध समिति के सदस्यों, मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों इत्यादि की जानकारी 15 सितम्बर तक पोर्टल पर उपलब्ध कराने के आदेश दिये थे। इस समय सीमा को दो बार बढ़ाया भी गया ताकि कोई मदरसा तकनीकि कारणों से छूट न जाए।

प्रदेश सरकार का मानना है कि मदरसों में होने वाली अनियमितताओं को रोकना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए मदरसों और सरकार के बीच पारदर्शिता होना जरूरी है।

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आंकड़ों की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश में मान्यता प्राप्त 19 हजार, आंशिक अनुदान वाले लगभग 4,600 और 100 प्रतिशत अनुदान पाने वाले 560 मदरसे हैं।

उत्तर प्रदेश मदरसा पोर्टल पर ​रजिट्रेशन से मदरसों को निम्न लाभ होंगे —

— आधुनिक युग में नवीन तकनीक के उपयोग से ही व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही लायी जाएगी।
— उ0प्र0 सरकार विशेष पोर्टल के माध्यम से मदरसों को एकीकृत पटल पर लाने हेतु प्रयास कर रही है।

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— पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले राज्य सरकार द्वारा अनुदानित मदरसों के शिक्षकों/कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जायेगा तथा आधुनिकीकरण/मिनी आई0टी0आई0 योजनान्तर्गत शिक्षक/ कर्मचारीयो को भी मानदेय का भुगतान किया जायेगा।

— पोर्टल के माध्यम से परिषद की मुंशी/ मौलवी/आलिम/कामिल एवं फाजिल स्तर की 2018 की परीक्षा सम्पन्न करायी जायेंगी।

— पोर्टल तथा योजनाओ के आॅन लाईन क्रियान्वयन से परिषद के कार्या में पारदर्शिता,गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता लायी जा सकेगी।

 

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