गौरी लंकेश हत्याकांड: आरोपी ने किया खुलासा, पुलिस ने जुर्म कबूलने के लिए दिया था 25 लाख का आॅफर

gauri lanesh
गौरी लंकेश हत्याकांड: आरोपी ने किया खुलासा, पुलिस ने जुर्म कबूलने के लिए दिया था 25 लाख का आॅफर

कर्नाटक। पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की हत्या में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ। गौरी लंकेश की हत्या में पकड़े गए संदिग्ध ने कहा कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने उसे जुर्म कबूल करने के लिए 25 लाख रूपए का आॅफर दिया था। ये बात उसने कोर्ट में जाने के दौरान कही। वहीं दूसरे संदिग्ध ने कहा कि पुलिस ने उसे जुर्म कबूलवानें के लिए धमकी दी। उसके मुताबिक पुलिस ने उससे कहा कि अगर वो हत्या का जुर्म कबूल नहीं करेगा तो इसका खामियाजा उसके परिवार को भुगतना पड़ेगा।

Accused Said Police Offered 25 Lakh Rupees For Confessing Crime In Gauri Lankesh Murder Case :

बताया जा रहा है कि गौरी लंकेश हत्याकांड में कथित तौर पर शामिल शूटर्स में से एक परशुराम वाघमारे ने कोर्ट ले जाते हुए कहा, ‘ स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हमें 25 लाख रुपये का ऑफर दिया। जबकि दूसरे संदिग्ध मनोहर एदावे ने पूरे मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। उसने कहा कि पुलिस ने हमारे ऊपर दबाव बनाया और कहा कि अगर मैं हत्या की बात स्वीकार नहीं करता हूं तो इसका खामियाजा मेरे परिवार को भुगतना पड़ सकता है।

बता दें कि इस तरह के किसी आरोप या दावे का असर क्रिमिनल केस के ट्रायल के दौरान केस पर नहीं पड़ता है। गौरी लंकेश हत्याकांड को करीब से फॉलो करने वाले तमाम लोगों ने दोनों संदिग्धों के आरोप और दावों पर सवाल खड़ा किया है। जानकारों का कहना है कि अभी तक कई बार दोनों संदिग्धों की कोर्ट में पेशी हो चुकी है, तब उन्होने ऐसे आरोप क्यों नही लगाए।

गौरतलब है कि गौरी लंकेश को पिछले साल 5 सितंबर को बंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में उनके घर के बाहर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। वो ‘लंकेश पत्रिके’ की संपादक होने के साथ ही एक्टिविस्ट भी थी। इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस की एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने संदिग्ध राइट विंग संगठन के 3 लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे. कहा जा रहा है कि उसमें से एक सुधनवा गोंधालेकर ने गौरी लंकेश, नरेंद्र दाभोलकर और एम एम कलबुर्गी की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है।

कर्नाटक। पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की हत्या में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ। गौरी लंकेश की हत्या में पकड़े गए संदिग्ध ने कहा कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने उसे जुर्म कबूल करने के लिए 25 लाख रूपए का आॅफर दिया था। ये बात उसने कोर्ट में जाने के दौरान कही। वहीं दूसरे संदिग्ध ने कहा कि पुलिस ने उसे जुर्म कबूलवानें के लिए धमकी दी। उसके मुताबिक पुलिस ने उससे कहा कि अगर वो हत्या का जुर्म कबूल नहीं करेगा तो इसका खामियाजा उसके परिवार को भुगतना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि गौरी लंकेश हत्याकांड में कथित तौर पर शामिल शूटर्स में से एक परशुराम वाघमारे ने कोर्ट ले जाते हुए कहा, ' स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हमें 25 लाख रुपये का ऑफर दिया। जबकि दूसरे संदिग्ध मनोहर एदावे ने पूरे मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। उसने कहा कि पुलिस ने हमारे ऊपर दबाव बनाया और कहा कि अगर मैं हत्या की बात स्वीकार नहीं करता हूं तो इसका खामियाजा मेरे परिवार को भुगतना पड़ सकता है। बता दें कि इस तरह के किसी आरोप या दावे का असर क्रिमिनल केस के ट्रायल के दौरान केस पर नहीं पड़ता है। गौरी लंकेश हत्याकांड को करीब से फॉलो करने वाले तमाम लोगों ने दोनों संदिग्धों के आरोप और दावों पर सवाल खड़ा किया है। जानकारों का कहना है कि अभी तक कई बार दोनों संदिग्धों की कोर्ट में पेशी हो चुकी है, तब उन्होने ऐसे आरोप क्यों नही लगाए। गौरतलब है कि गौरी लंकेश को पिछले साल 5 सितंबर को बंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में उनके घर के बाहर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। वो 'लंकेश पत्रिके' की संपादक होने के साथ ही एक्टिविस्ट भी थी। इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस की एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने संदिग्ध राइट विंग संगठन के 3 लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे. कहा जा रहा है कि उसमें से एक सुधनवा गोंधालेकर ने गौरी लंकेश, नरेंद्र दाभोलकर और एम एम कलबुर्गी की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है।