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पीड़िता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, प्रशांत कुमार बोले-माहौल खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई

Adg Law And Order Prashant Kumar Kumar Said Rape Victims Postmortem Not Confirmed

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। हाथरस केस की पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि उसके साथ बर्बरता की गई की गयी थी। दिल्ली के सफदरजंगअस्पताल की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद फोरेंसिंक लैब की रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि हो गई है कि उसके साथ दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म नहीं हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता की गर्दन पर चोट के निशान हैं और रीढ़ की हड्डियां भी टूटी हुई हैं। पीड़िता को ब्लड इन्फेक्शन और हार्ट अटैक भी आया था।

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रिपोर्ट के मुताबिक. मौत का वक्त 29 सितंबर सुबह 6 बज कर 55 मिनट बताया जा रहा है। इस मामले में पीड़िता की फोरेंसिक साइस लैब की रिपोर्ट आ गई है। इसमें भी उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि हाथरस मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। हमको पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद इसी रिपोर्ट का इंतजार था।

एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि आगरा की लैब से मिली रिपोर्ट में युवती में शुक्राणु नहीं पाया गया है। कुछ लोगों ने प्रदेश में जातीय तनाव पैदा करने के मकसद से इस केस को गलत तरीके से पेश करने का प्रयास किया है। इस प्रकरण में पुलिस ने शुरू से ही त्वरित तथा तत्समय कार्रवाई करके माहौल बिगड़ने से बचाया।

प्रशांत कुमार ने कहा कि अब हम विधिक कार्रवाई के तहत ऐसे लोगों की पहचान में लगे हैं, जिन्होंने प्रदेश के सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के साथ ही जातीय हिंसा को फैलाने का प्रयास किया है। जवाबदेह प्रशासन की बिना अनुमति के बिना काम करके हाथरस को दंगे की आग में झोंकना चाहते थे। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।

आगरा में विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच रिपोर्ट आने एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि मामले को अनावश्यक तूल देकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि हाथरस की इस घटना में कुछ लोगों ने जातीय संघर्ष कराने का प्रयास किया गया है। अब उन्हेंं चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

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