अफगानिस्तान में न्यूज एंकर की दिनदहाड़े गोली मारकर की हत्या

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अफगानिस्तान में न्यूज एंकर की दिनदहाड़े गोली मारकर की हत्या

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में पूर्व महिला पत्रकार मीना मंगल की काबुल में दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मीना मंगल काबुल का जाना-पहचाना चेहरा थीं। वह कई टीवी चैनलों पर कार्यक्रम पेश करती थीं। लेकिन उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी थी और संसद में सांस्कृतिक सलाहकार के तौर पर काम करने लगी थी। उन्हें बीते कुछ दिनों से जान से मारने की धमकियां भी मिल रही थी। जिसका जिक्र उन्होंने सोशल मीडिया पर किया था।

Afganistan Former Journalist Meena Mangal Murdered In Kabul :

आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता नुसरत रहिमी ने बताया कि पूर्वी काबुल में दिन-दहाड़े मंगल की गोली मारकर हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है। हालांकि, उन्होंने इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी। बहरहाल, किसी भी समूह ने मंगल की हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली और यह भी तुरंत पता नहीं चल सका है कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया है।

लंबे समय तक तालिबान के खौफ के कारण अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों को बहुत सीमित रखा गया। पिछले कुछ वक्त में जब से तालिबान की शक्ति कमजोर पड़ी है वहां महिला अधिकारों के क्षेत्र में काम हो रहा है। हालांकि, लगातार प्रयासों के बाद भी अपगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति अभी भी दयनीय बनी है। अफगानिस्ता को पत्रकारों के लिए विश्व के सबसे खतरनाक देशों में भी गिना जाता है।

आंतरिक मंत्रालय ने इस मुद्दे पर बयान जारी कर कहा कि अभी घटना की जांच चल रही है। हालांकि, अभी तक किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि मीना मंगल की हत्या क्यों की गई।

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में पूर्व महिला पत्रकार मीना मंगल की काबुल में दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मीना मंगल काबुल का जाना-पहचाना चेहरा थीं। वह कई टीवी चैनलों पर कार्यक्रम पेश करती थीं। लेकिन उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी थी और संसद में सांस्कृतिक सलाहकार के तौर पर काम करने लगी थी। उन्हें बीते कुछ दिनों से जान से मारने की धमकियां भी मिल रही थी। जिसका जिक्र उन्होंने सोशल मीडिया पर किया था। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता नुसरत रहिमी ने बताया कि पूर्वी काबुल में दिन-दहाड़े मंगल की गोली मारकर हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है। हालांकि, उन्होंने इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी। बहरहाल, किसी भी समूह ने मंगल की हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली और यह भी तुरंत पता नहीं चल सका है कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया है। लंबे समय तक तालिबान के खौफ के कारण अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों को बहुत सीमित रखा गया। पिछले कुछ वक्त में जब से तालिबान की शक्ति कमजोर पड़ी है वहां महिला अधिकारों के क्षेत्र में काम हो रहा है। हालांकि, लगातार प्रयासों के बाद भी अपगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति अभी भी दयनीय बनी है। अफगानिस्ता को पत्रकारों के लिए विश्व के सबसे खतरनाक देशों में भी गिना जाता है। आंतरिक मंत्रालय ने इस मुद्दे पर बयान जारी कर कहा कि अभी घटना की जांच चल रही है। हालांकि, अभी तक किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि मीना मंगल की हत्या क्यों की गई।