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Afghanistan News : राष्ट्रपति अशरफ गनी, बोले- हमारी सरकार तालिबान से ‘सीधी बातचीत’ को तैयार

Afghanistan News अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी (President Ashraf Ghani) ने देश में शांति स्थापित करने की दिशा में बुधवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार तालिबान (Taliban) से 'सीधी बातचीत'  'direct talks' के लिए तैयार है। अशरफ गनी ने कहा कि अफगान मुद्दे का कोई सैन्य समाधान नहीं है।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। Afghanistan News अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी (President Ashraf Ghani) ने देश में शांति स्थापित करने की दिशा में बुधवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार तालिबान (Taliban) से ‘सीधी बातचीत’  ‘direct talks’ के लिए तैयार है। अशरफ गनी ने कहा कि अफगान मुद्दे का कोई सैन्य समाधान नहीं है।

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यह बात गनी ने अफगान प्रेसिडेंशियल पैलेस में जॉइंट कोओर्डिनेशन और मॉनिटरिंग बोर्ड की बैठक में कही है। इस दौरान गनी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यकीन दिलाया है कि अफगानिस्तान के लोग सरकार विरोधी तत्व नहीं चाहते हैं। अफगानिस्तान के टोलो न्यूज़ (Tolo News) ने अशरफ गनी के हवाले से बताया कि देश के मसले का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अफगानिस्तान के भविष्य में यकीन करते हैं। अशरफ गनी ने कहा कि आज का अफगानिस्तान वास्तव में बदल गया है।

बता दें कि हाल के दिनों में तालिबान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया है। इस दौरान अफगान सेना (Afghan Army) और तालिबान के बीच संघर्ष बढ़ गया है। राष्ट्रपति गनी ने कहा कि हम तालिबान से बातचीत को तैयार हैं। हमने पांच हज़ार तालिबान कैदियों की रिहाई की है। उन्होंने कहा कि हमने जल्दी चुनाव कराने की बात कही है। यह हमारी शांति की इच्छा को दर्शाता है।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी का यह बयान ऐसे वक्त में आया है। जब विदेशी सैनिक अफगानिस्तान से लौट रहे हैं और देश में तालिबान का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। तालिबान ने सुरक्षा बलों के साथ ही आम नागरिकों पर हमले तेज कर दिए हैं। तालिबान तेजी से पांव पसारते हुए प्रदेश की राजधानियों की ओर बढ़ रहे हैं। तालिबान अपने कब्ज़े वाले क्षेत्र में लोगों पर पुराने नियम थोप रहे हैं। उन्होंने कहा कि तालिबान के सुन्नी संगठन होने के कारण अल्पसंख्यक शिया (Minority Shia), हज़ारा के लोग साम्प्रदायिक हिंसा (Communal Violence) को लेकर डरे हुए हैं।

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