कोरोना वायरस का डर, चीन से लौटे अफसर पब्लिक बाथरूम गया तो ‘किंम जोंग’ ने गोली मरवाई

kim jon un
कोरोना वायरस का डर, चीन से लौटे अफसर पब्लिक बाथरूम गया तो 'किंम जोंग' ने गोली मरवाई

नई दिल्ली। चीन में फैले कोरोना वायरस का खतरा अब दुनियाभर के देशों में मंडरा रहा है। तकरीबन दो दर्जन से अधिक देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण पहुंच चुका है। तमाम देश इस संक्रमण से बचने के लिए अलग-अलग उपाय कर रहे हैं और सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन उत्तर कोरिया में कोरोना ने एक संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति पब्लिक बाथरूम गया तो किंम जोंग ने सार्वजनिक रूप से गोली मार दी गई। चीन से लौटे इस व्यक्ति का कसूर केवल इतना था कि वह सरकारी मनाही के बावजूद एक सार्वजनिक स्नान स्थल पर पहुंच गया था।  

Afraid Of Corona Virus Officer Returned From China Went To Public Bathroom Kim Jong Shot Dead :

अधिकारी को गोली मारी गई

डॉन्ग-ए-एल्बो न्यूजपेपर की खबर के अनुसार नॉर्थ कोरिया के एक अधिकारी को चीन से लौटने के बाद आइसोलेशन में रखा गया था। आइसोलेशन सेंटर में संदिग्ध कोरोना मरीजों के लिए अलग बाथरूम निर्धारित किया गया था। लेकिन जब यह अधिकारी गलती से उस बाथरूम में पहुंच गया जोकि सामान्य लोगों के इस्तेमाल के लिए था, तो व्यक्ति को गोली मार दी गई। दरअसल किम जोंग उन के साथ जो अधिकारी चीन की यात्रा से लौटे थे, उन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखा गया था।

एक भी मामला नहीं आया है सामने

बता दें कि अभी तक नॉर्थ कोरिया में कोरोना वायरस से संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन चीन की सीमा से सटे नॉर्थ कोरिया ने जिस तरह से कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कदम उठाया है, उसने एक बार फिर से नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की तानाशाही को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है। नॉर्थ कोरिया में ट्रेड अधिकारी को आइसोलेशन सेंटर में रखा गया था। आरोप है कि अधिकारी ने किम जोंग उन के नियम का उल्लंघन किया था। किम जोंग उन ने आदेश दिया था कि जो भी बिना अनुमति के आइसोलेशन केंद्र से बाहर जाए उसे गोली मार दो।

30 दिन रखा जा रहा आइसोलेशन सेंटर में

एक अन्य अधिकारी जिसने चीन की यात्रा की थी, लेकिन उसने इस बात को छिपाने की कोशिश की, उसे नॉर्थ कोरिया से बाहर निकाल दिया गया है। यह अधिकारी नॉर्थ कोरिया की खुफिया एजेंसी का सदस्य था। बता दें कि नॉर्थ कोरिया में गलती करने वाले अधिकारियों के मारे जाने की खबरें पहले भी आ चुकी हैं। एक तरफ दुनियाभर के देशों में जहां कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्ध लोगों को 14 दिन के लिए आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा है तो दूसरी तरफ नॉर्थ कोरिया में 30 दिन के लिए लोगों को आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा है।

नई दिल्ली। चीन में फैले कोरोना वायरस का खतरा अब दुनियाभर के देशों में मंडरा रहा है। तकरीबन दो दर्जन से अधिक देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण पहुंच चुका है। तमाम देश इस संक्रमण से बचने के लिए अलग-अलग उपाय कर रहे हैं और सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन उत्तर कोरिया में कोरोना ने एक संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति पब्लिक बाथरूम गया तो किंम जोंग ने सार्वजनिक रूप से गोली मार दी गई। चीन से लौटे इस व्यक्ति का कसूर केवल इतना था कि वह सरकारी मनाही के बावजूद एक सार्वजनिक स्नान स्थल पर पहुंच गया था।   अधिकारी को गोली मारी गई डॉन्ग-ए-एल्बो न्यूजपेपर की खबर के अनुसार नॉर्थ कोरिया के एक अधिकारी को चीन से लौटने के बाद आइसोलेशन में रखा गया था। आइसोलेशन सेंटर में संदिग्ध कोरोना मरीजों के लिए अलग बाथरूम निर्धारित किया गया था। लेकिन जब यह अधिकारी गलती से उस बाथरूम में पहुंच गया जोकि सामान्य लोगों के इस्तेमाल के लिए था, तो व्यक्ति को गोली मार दी गई। दरअसल किम जोंग उन के साथ जो अधिकारी चीन की यात्रा से लौटे थे, उन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखा गया था। एक भी मामला नहीं आया है सामने बता दें कि अभी तक नॉर्थ कोरिया में कोरोना वायरस से संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन चीन की सीमा से सटे नॉर्थ कोरिया ने जिस तरह से कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कदम उठाया है, उसने एक बार फिर से नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की तानाशाही को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है। नॉर्थ कोरिया में ट्रेड अधिकारी को आइसोलेशन सेंटर में रखा गया था। आरोप है कि अधिकारी ने किम जोंग उन के नियम का उल्लंघन किया था। किम जोंग उन ने आदेश दिया था कि जो भी बिना अनुमति के आइसोलेशन केंद्र से बाहर जाए उसे गोली मार दो। 30 दिन रखा जा रहा आइसोलेशन सेंटर में एक अन्य अधिकारी जिसने चीन की यात्रा की थी, लेकिन उसने इस बात को छिपाने की कोशिश की, उसे नॉर्थ कोरिया से बाहर निकाल दिया गया है। यह अधिकारी नॉर्थ कोरिया की खुफिया एजेंसी का सदस्य था। बता दें कि नॉर्थ कोरिया में गलती करने वाले अधिकारियों के मारे जाने की खबरें पहले भी आ चुकी हैं। एक तरफ दुनियाभर के देशों में जहां कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्ध लोगों को 14 दिन के लिए आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा है तो दूसरी तरफ नॉर्थ कोरिया में 30 दिन के लिए लोगों को आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा है।