अक्षरधाम मंदिर आतंकवादी हमले का कथित मुख्‍य साजिशकर्ता 15 साल बाद गिरफ्तार

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अहमदाबाद: गुजरात के गांधीनगर में वर्ष 2002 में अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकवादी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल राशिद अजमेरी को शुक्रवार रात रियाद से अहमदाबाद पहुंचने पर हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया. अहमदाबाद अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त दीपन भद्रन ने कहा, ‘‘अजमेरी अक्षरधाम मंदिर आतंकवादी हमले की योजना बनाने वालों में एक है. उसे शुक्रवार रात यहां पहुंचने पर हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया. हमारे पास इस बात की खबर थी कि वह अपने भाई से मिलने के लिए रियाद से अहमदाबाद आ रहा है.’’ आरोप है कि उसने इस आतंकवादी हमले की साजिश रची थी और लश्कर ए तैयबा को साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में मदद की थी.

After 15 Long Years Key Akshardham Temple Terror Attack Suspect Arrested In Ahmedabad :

भद्रन ने बताया कि अहमदाबाद निवासी अजमेरी यह आतंकवादी हमला होने के बाद रियाद भाग गया था. उससे पूछताछ के दौरान और कई नाम सामने आ सकते हैं. पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा से कथित संबंध रखने वाले दो आतंकवादियों ने 24 सितंबर, 2002 को गांधीनगर में अक्षरधाम मंदिर पर हमला किया था और 32 लोगों की हत्या कर दी थी एवं 80 से ज्यादा लोगों को जख्मी कर दिया था.

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो ने इन हमलावरों को मार गिराया था. वैसे उच्चतम न्यायालय ने पहले गिरफ्तार किये गये सभी छह व्यक्तियों को मई, 2014 में बरी कर दिया था जिनमें तीन को उससे पूर्व मृत्युदंड दिया गया था.

अहमदाबाद: गुजरात के गांधीनगर में वर्ष 2002 में अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकवादी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल राशिद अजमेरी को शुक्रवार रात रियाद से अहमदाबाद पहुंचने पर हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया. अहमदाबाद अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त दीपन भद्रन ने कहा, ‘‘अजमेरी अक्षरधाम मंदिर आतंकवादी हमले की योजना बनाने वालों में एक है. उसे शुक्रवार रात यहां पहुंचने पर हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया. हमारे पास इस बात की खबर थी कि वह अपने भाई से मिलने के लिए रियाद से अहमदाबाद आ रहा है.’’ आरोप है कि उसने इस आतंकवादी हमले की साजिश रची थी और लश्कर ए तैयबा को साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में मदद की थी.भद्रन ने बताया कि अहमदाबाद निवासी अजमेरी यह आतंकवादी हमला होने के बाद रियाद भाग गया था. उससे पूछताछ के दौरान और कई नाम सामने आ सकते हैं. पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा से कथित संबंध रखने वाले दो आतंकवादियों ने 24 सितंबर, 2002 को गांधीनगर में अक्षरधाम मंदिर पर हमला किया था और 32 लोगों की हत्या कर दी थी एवं 80 से ज्यादा लोगों को जख्मी कर दिया था.राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो ने इन हमलावरों को मार गिराया था. वैसे उच्चतम न्यायालय ने पहले गिरफ्तार किये गये सभी छह व्यक्तियों को मई, 2014 में बरी कर दिया था जिनमें तीन को उससे पूर्व मृत्युदंड दिया गया था.