नोटबंदी के 50 दिन बाद: PM मोदी को देना होगा इन सवालों के जवाब

नई दिल्‍ली। मोदी सरकार की ओर से 8 नवंबर को लागू की गई नोटबंदी की मियाद खत्‍म होने जा रही है। इस दौरान लोगों को लाइन में लगकर पैसा जमा करने और पैसा निकालने में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा है, हालांकि सरकार का दावा है कि नोटबंदी के जरिए वह न सिर्फ कालेधन बल्कि नकली नोटों और भ्रष्‍टाचार को खत्‍म करना चाहती है। जिसके लिए अभी तक देश की जनता ने सरकार का सहयोग भी किया पर अब वादे के मुताबिक 50 दिन बाद देशवासियों के जेहन में कुछ सवाल उठना स्वाभाविक है, जिसका जवाब जनता सरकार से चाहती है।




सवाल नंबर-1 – नोटबंदी पास हुई या फेल

जनता की ओर से सबसे पहला सवाल यही होगा। सरकार के जिस फैसले के चलते लोगों को इतनी मुसीबतों का सामना करना पड़ा हो, उस फैसले का परिणाम जानने का हक़ तो उनका बनता ही है।

सवाल नंबर-2 – नोटबंदी से देश को क्या मिला

यह दूसरा सवाल है, जिसका सामना मोदी को करना पड़ सकता है। नोटबंदी को लेकर जिस तरह के दावे पीएम और उनके मंत्री कर रहे थे और जिसका सपना देशवासियों ने देखते हुए इस दिन का इतनी बेसब्री से इंतज़ार किया तो यह सवाल भी उठना अपने आप में लाज़मी है।




सवाल नंबर-3 -क्या यही हैं अच्छे दिन

सरकार का दावा था कि अच्छे दिन के लिए वह नोटबैन कर रही है। इसलिए जनता को थोड़े दिनों तक मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा इसके बाद देश के हर नागरिक को अच्छे दिन की तस्वीर देखने को मिलेगी। 50 दिनों बाद से इसका असर देखने को मिलने लगेगा। अगर यह सरकार के अनुसार नहीं हुआ तो यह सवाल तो बनता है।

सवाल नंबर-4 – आम आदमी को क्या मिला

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस फैसले के बाद आम आदमी को क्या मिला? जो कि लोग मोदी से पूछेंगे। क्‍योंकि नोटबंदी की इस प्रक्रिया में सबसे ज्‍यादा दुश्‍वारी उसे ही झेलनी पड़ी है। घंटो अपना काम-धाम छोड़ लोग बैंको और एटीम की लाइन में इसी उम्मीद के साथ लगे थे कि इससे उनका आने वाले दिनों में इसका लाभ मिलेगा।




सवाल नंबर-5 – क्या भ्रष्टाचार कम हुआ, कालधन कितना जब्त हुआ?

नोटबंदी के बाद देश को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा था कि इस फैसले के बाद देश में भ्रष्टाचार कम होंगा और कालधन रखने वालों के मुह पर यह करारा तमाचा भी होंगा।