आखिरकार भारत के आगे झुका चीन, तनाव वाले क्षेत्र से हटेगा पीछे, नरम पड़े तेवर

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आखिरकार भारत के आगे झुका चीन, तनाव वाले क्षेत्र से हटेगा पीछे, नरम पड़े तेवर

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच चीन के तेवर नरम पड़ने लगे हैं। कमांडर स्तर की वार्ता के बाद चीन ने तनाव वाले क्षेत्र से पीछे हटने पर सहमति जताई है। भारतीय सेना ने कहा कि भारत और चीन के बीच सोमवार को हुई कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में हुई। इस दौरान दोनों पक्ष आपसी सहमति से तनाव वाले क्षेत्रों से पीछे हटने के लिए तैयार हुए हैं।

After All China Bowed In Front Of India Will Withdraw From Tense Area Softening Attitude :

कमांडर स्तर की बैठक में पूर्वी लद्दाख में सभी संघर्ष क्षेत्रों से सेनाओं के पीछे हटने के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई और दोनों ही पक्ष इसपर अमल करेंगे। सोमवार को मोल्डो में दोनों पक्षों के बीच करीब 11 घंटे तक सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। भारत ने अडिग रहते हुए दो टूक कहा था कि गलवां, पेंगोंग त्सो और हॉट स्प्रिंग पर जब तक दो मई से पहले वाली स्थिति बहाल नहीं हो जाती पूरी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात नाजुक बने रहेंगे।

बता दें कि, 15 जून की रात चीनी सैनिकों से हुई हिसंक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, जबकि 35 चीनी सैनिक मारे गए। इसके अलावा दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के कई जवानों को हिरासत में लिया, लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच चीन के तेवर नरम पड़ने लगे हैं। कमांडर स्तर की वार्ता के बाद चीन ने तनाव वाले क्षेत्र से पीछे हटने पर सहमति जताई है। भारतीय सेना ने कहा कि भारत और चीन के बीच सोमवार को हुई कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में हुई। इस दौरान दोनों पक्ष आपसी सहमति से तनाव वाले क्षेत्रों से पीछे हटने के लिए तैयार हुए हैं। कमांडर स्तर की बैठक में पूर्वी लद्दाख में सभी संघर्ष क्षेत्रों से सेनाओं के पीछे हटने के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई और दोनों ही पक्ष इसपर अमल करेंगे। सोमवार को मोल्डो में दोनों पक्षों के बीच करीब 11 घंटे तक सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। भारत ने अडिग रहते हुए दो टूक कहा था कि गलवां, पेंगोंग त्सो और हॉट स्प्रिंग पर जब तक दो मई से पहले वाली स्थिति बहाल नहीं हो जाती पूरी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात नाजुक बने रहेंगे। बता दें कि, 15 जून की रात चीनी सैनिकों से हुई हिसंक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, जबकि 35 चीनी सैनिक मारे गए। इसके अलावा दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के कई जवानों को हिरासत में लिया, लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।