आखिर प्यार में इंसान अंधा कैसे हो जाता है? जाने सेक्सोलॉजिस्ट के विचार

how does a person become blind in love
आखिर प्यार में इंसान अंधा कैसे हो जाता है? जाने सेक्सोलॉजिस्ट के विचार

मुम्बई। अक्सर समाज में एक कहावत कही जाती है कि प्यार में पड़कर इंसान अंधा हो जाता है। लेकिन समाज में आजकल ये कहावत बदलती नजर आ रही है, कहा जा रहा है कि अब अधिक शारीरिक संबंध बनाना (सेक्स करना) आपको अंधा कर सकता है। इसका काफी दुष्प्रभाव भी पड़ रहा है, इससे लोगों के सोचने-समझने की क्षमता कम होती है और संबध बनाने के चक्कर में लोग झूठ भी बोलते हैं। ऐसा दावा किया है ऑस्ट्रेलिया की एक सेक्सोलॉजिस्ट ने।

After All How Does A Person Become Blind In Love Know The Views Of Sexologists :

ऑस्ट्रेलियाई की पारिवारिक संबंध विशेषज्ञ लॉउनी वार्ड ने एक अध्ययन के बाद कहा कि शारीरिक संबंध बनाना (सेक्स करना) भी प्यार जताने का एक बेहद खूबसूरत तरीका है। लेकिन इसके ज्यादा चक्कर में पड़ने से लोग झूठ बोलना और धोखा देना भी सीखते हैं। उनका कहना है कि सेक्स आजकल लोगों को अंधा बना देता है। लॉउनी वार्ड कहती हैं कि कभी कभी जिसे हम प्यार समझते हैं, वह प्यार नही बल्कि इनफैचुएशन होता है। यानी सिर्फ सम्मोहन मात्र, लेकिन उनका मानना है कि कुछ सालों में यह खत्म हो जाता है। खत्म होने के बाद अक्सर देखा जाता है लोग तमाम तरह की गलतियां करने लगते हैं।

लॉउनी वार्ड ने बताया कि इसके बावजूद अक्सर लोग शुरुआती सम्मोहन को ही स्थाई मान लेते हैं. जबकि थोड़े समय के बाद ये पूरी तरह से खत्म हो जाता है। जब ऐसी स्थिति आती है तो लोग शारीरिक संबंध बनाने के लिए वही सम्मोहन कहीं और खोजना शुरू कर देते हैं। लोगों को उस समय सम्मोहन में सब पॉजिटिव लगने लगता है। लेकिन इसमें नकारात्मकता के अलावा और कुछ नहीं मिलता है।

उनका कहना था कि जब आप किसी से शारीरिक संबध बनाते हैं तो आपके शरीर से एक खास तरह का रसायन निकलता है। इस रसायन को डोपामाइन कहते हैं, इसके निकलने के बाद आपको सुखद आनंद की अनुभूति तो होती है लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो आपको सिवाय सेक्स के और कुछ नही दिखता है। यह आपको उस वक्त पूरी तरह से अंधा बना देता है। उनका कहना था कि अगर आप सही अंतराल पर सेक्स नहीं करते हैं तो भी आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

मुम्बई। अक्सर समाज में एक कहावत कही जाती है कि प्यार में पड़कर इंसान अंधा हो जाता है। लेकिन समाज में आजकल ये कहावत बदलती नजर आ रही है, कहा जा रहा है कि अब अधिक शारीरिक संबंध बनाना (सेक्स करना) आपको अंधा कर सकता है। इसका काफी दुष्प्रभाव भी पड़ रहा है, इससे लोगों के सोचने-समझने की क्षमता कम होती है और संबध बनाने के चक्कर में लोग झूठ भी बोलते हैं। ऐसा दावा किया है ऑस्ट्रेलिया की एक सेक्सोलॉजिस्ट ने। ऑस्ट्रेलियाई की पारिवारिक संबंध विशेषज्ञ लॉउनी वार्ड ने एक अध्ययन के बाद कहा कि शारीरिक संबंध बनाना (सेक्स करना) भी प्यार जताने का एक बेहद खूबसूरत तरीका है। लेकिन इसके ज्यादा चक्कर में पड़ने से लोग झूठ बोलना और धोखा देना भी सीखते हैं। उनका कहना है कि सेक्स आजकल लोगों को अंधा बना देता है। लॉउनी वार्ड कहती हैं कि कभी कभी जिसे हम प्यार समझते हैं, वह प्यार नही बल्कि इनफैचुएशन होता है। यानी सिर्फ सम्मोहन मात्र, लेकिन उनका मानना है कि कुछ सालों में यह खत्म हो जाता है। खत्म होने के बाद अक्सर देखा जाता है लोग तमाम तरह की गलतियां करने लगते हैं। लॉउनी वार्ड ने बताया कि इसके बावजूद अक्सर लोग शुरुआती सम्मोहन को ही स्थाई मान लेते हैं. जबकि थोड़े समय के बाद ये पूरी तरह से खत्म हो जाता है। जब ऐसी स्थिति आती है तो लोग शारीरिक संबंध बनाने के लिए वही सम्मोहन कहीं और खोजना शुरू कर देते हैं। लोगों को उस समय सम्मोहन में सब पॉजिटिव लगने लगता है। लेकिन इसमें नकारात्मकता के अलावा और कुछ नहीं मिलता है। उनका कहना था कि जब आप किसी से शारीरिक संबध बनाते हैं तो आपके शरीर से एक खास तरह का रसायन निकलता है। इस रसायन को डोपामाइन कहते हैं, इसके निकलने के बाद आपको सुखद आनंद की अनुभूति तो होती है लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो आपको सिवाय सेक्स के और कुछ नही दिखता है। यह आपको उस वक्त पूरी तरह से अंधा बना देता है। उनका कहना था कि अगर आप सही अंतराल पर सेक्स नहीं करते हैं तो भी आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।