रेलवे ने उड़ाई यात्रियों की नींद

Railway

नई दिल्ली। अगर आप ट्रेन में ज्यादा ट्रैवल करते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। क्योंकि आप अब तक रिजर्वेशन के लिए लोअर बर्थ पाने के लिए परेशान रहते होंगे,  लोअर बर्थ सबसे आराम दायक जो होती है। लोअर बर्थ का रिजर्वेशन पाने वाला व्यक्ति एक राजा की तरह अपनी मर्जी का मालिक होता है। अपर और मिडिल बर्थ वालों को इससे खासा दिक्कत होती है न चाहते हुए भी अपनी बर्थ पर जाना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि लोअर बर्थ के लिए रेल मंत्रालय ने नए नियम बना दिए हैं।

After Knowing This New Rule Of Railway You Will Select Upper Birth For Reservation :

मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे ने यात्रियों के लिए सोने के घंटे निर्धारित कर दिए हैं। यात्री रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ही बर्थ पर सो सकेंगे, इसके बाद उन्हें अपने सह यात्रियों के बैठने के लिए उठकर बैठना होगा। यानी लोअर और मिडिल बर्थ के यात्रियों को सुबह 6 बजे जागना पड़ेगा।

सीधा मतलब ये है कि अगर आप देर तक सोने के आदी है तों लोअर बर्थ और मिडिल बर्थ आपकी नींद में खल्ल का कारण बन सकती है। बेहतर होगा कि आप आगे से अपर बर्थ का चुनाव करें।

यहाँ हम आपको ये भी बताना चाहते हैं कि यह नियम पहले से था कि यात्री कितनी देर अपनी बर्थ पर सो सकते हैं। लेकिन इस नियम कि जानकारी 99 फीसदी यात्रियों को नहीं होती है, लेकिन इस खबर को पढ़ने के बाद आप पूरे अधिकार के साथ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बैठ कर यात्रा कर सकते हैं। लेकिन अगर उस बर्थ पर कोई मरीज या सीनियर सिटीजन है तो उनकी असुविधा का ध्यान रहें।

 

नई दिल्ली। अगर आप ट्रेन में ज्यादा ट्रैवल करते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। क्योंकि आप अब तक रिजर्वेशन के लिए लोअर बर्थ पाने के लिए परेशान रहते होंगे,  लोअर बर्थ सबसे आराम दायक जो होती है। लोअर बर्थ का रिजर्वेशन पाने वाला व्यक्ति एक राजा की तरह अपनी मर्जी का मालिक होता है। अपर और मिडिल बर्थ वालों को इससे खासा दिक्कत होती है न चाहते हुए भी अपनी बर्थ पर जाना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि लोअर बर्थ के लिए रेल मंत्रालय ने नए नियम बना दिए हैं।मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे ने यात्रियों के लिए सोने के घंटे निर्धारित कर दिए हैं। यात्री रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ही बर्थ पर सो सकेंगे, इसके बाद उन्हें अपने सह यात्रियों के बैठने के लिए उठकर बैठना होगा। यानी लोअर और मिडिल बर्थ के यात्रियों को सुबह 6 बजे जागना पड़ेगा।सीधा मतलब ये है कि अगर आप देर तक सोने के आदी है तों लोअर बर्थ और मिडिल बर्थ आपकी नींद में खल्ल का कारण बन सकती है। बेहतर होगा कि आप आगे से अपर बर्थ का चुनाव करें।यहाँ हम आपको ये भी बताना चाहते हैं कि यह नियम पहले से था कि यात्री कितनी देर अपनी बर्थ पर सो सकते हैं। लेकिन इस नियम कि जानकारी 99 फीसदी यात्रियों को नहीं होती है, लेकिन इस खबर को पढ़ने के बाद आप पूरे अधिकार के साथ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बैठ कर यात्रा कर सकते हैं। लेकिन अगर उस बर्थ पर कोई मरीज या सीनियर सिटीजन है तो उनकी असुविधा का ध्यान रहें।