1. हिन्दी समाचार
  2. चक्रवाती तूफानों के घेरे में भारत, ‘महा’ के बाद अब ‘बुलबुल’ का दिखेगा असर

चक्रवाती तूफानों के घेरे में भारत, ‘महा’ के बाद अब ‘बुलबुल’ का दिखेगा असर

After Maha Cyclone Storm India Will See Bulbul Effect

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

नई दिल्ली। अरब सागर में चक्रवाती तूफान ‘महा’ के बाद अब बंगाल की खाड़ी में ‘बुलबुल’ तेजी से खतरनाक रूप लेते नजर आ रहे हैं। इन दोनों तूफानों ने देश को दो तरफ से घेर लिया है। अगर ये ज्यादा भयावह रूप लेते हैं तो इनकी वजह से महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर सीधा असर पड़ेगा। जबकि, इन राज्यों से सटे हुए राज्यों में भी असर देखने को मिल सकता है।

पढ़ें :- 21 हजार से कम सैलरी पाने वालों के लिए खुशखबरी! अप्रैल से देशभर में मिलेंगी ये सुविधाएं

दरअसल, मौसम विभाग चक्रवाती तूफान ‘महा’ को अत्यधिक गंभीर तूफान की श्रेणी में रख रहा है। यह तूफान लगातार 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। अभी यह गुजरात के पोरबंदर से 480 किलोमीटर दूर है। वहीं, गुजरात के वेरावल और दीव से 570 किलोमीटर दूर है। अगले 24 घंटों में यह तूफान गुजरात के तटीय इलाकों और दीव तक पहुंच जाएगा। आशंका है कि इस दौरान तूफान की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे होगी और हवाएं 90 किलोमीटर की गति से हवाएं चलेंगी। 6 से 8 नवंबर तक अरब सागर में तेज लहरें उठने की संभावना है। गुजरात और महाराष्ट्र के मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी उम्मीद जताई है कि 8 नवंबर तक यह तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा।

वहीं, इस गति धीरे होने के कारण गुजरात के सौराष्ट्र, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, सूरत, भरूच, आणंद, अहमदाबाद, बोताड़, पोरबंदर, राजकोट में 6 नवंबर को हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। जबकि, भावनगर, सूरत, भरूच, आणंद, अहमदाबाद, बोताड़, वडोदरा में 7 नवंबर को तेज बारिश होने के आसार हैं। वहीं, 6 नवंबर को मध्य महाराष्ट्र और कोंकण के पालघर और थाणे जिलों में बारिश के आसार है। जबकि, 7 नवंबर को उत्तरी और केंद्रीय महाराष्ट्र के ज्यादातर जिलों में तेज बारिश हो सकती है। जिन जिलों में तेज बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है, वहीं ज्यादा नुकसान होने का अंदेशा भी है। इसके अलावा राजस्थान के भी 13 जिलों में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 7 नवंबर को प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके साथ ही 80-100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना भी है।

‘महा’ के बाद अब ‘बुलबुल’ का कहर

अरब सागर के बाद अब बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ बन रहा है। यह इस साल का 7वां चक्रवाती तूफान होगा। यह तूफान अभी और तेज होगा। 10 नवंबर तक अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान बन जाएगा। अभी यह पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से 930 किलोमीटर, ओडिशा के पारादीप से 820 किलोमीटर और अंडमान के माया बंदर से 370 किलोमीटर दूर स्थित है। अगले 12 घंटों में यह और दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके बाद अगले 24 घंटों में यह चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। इसकी वजह से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, अंडमान-निकोबार और उत्तर-पूर्व के राज्यों में तेज बारिश हो सकती है।

चक्रवात बुलबुल से उत्तरी पूर्व में दहशत

साथ ही अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ज्यादातर द्वीपों पर अगले 36 घंटों में हल्की से मध्यम दर्जे की छितराई हुई बारिश होगी। वहीं, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 9 नवंबर तक हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं। 6 नवंबर को अंडमान और निकोबार में हवा की गति करीब 45 से 55 किमी/घंटा है। वहीं, प. बंगाल में 60 से 70 किमी/घंटा से हवाएं चलेंगी। मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि 7 नवंबर के बाद बंगाल की खाड़ी में न जाएं।

पढ़ें :- कोरोना महामारी से जूझती दुनिया का सहारा बना भारत, 150 देशों को भेजी कोविड वैक्सीन की खेप

बता दें, ओडिशा में इस समय ‘बुलबुल’ का खौफ लोगों के बीच दिख रहा है। क्योंकि अभी कुछ महीने पहले ही ओडिशा ने तूफान फानी को झेला था। यह तूफान ओडिशा या पश्चिम बंगाल में किस स्थल से टकराएगा, फिलहाल यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। फिर भी सतर्कता के तौर पर संभावित तूफान को देखते हुए ओडिशा में तमाम बंदरगाहों पर एक नंबर खतरे का निशान जारी कर दिया गया है। वहीं, गुजरात में जून महीनें चक्रवाती तूफान वायु आया था।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...