बिहार: 100 मासूमों को निगल गया चमकी बुखार, पड़ोसी जिले भी बीमारी की चपेट में

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बिहार: 100 मासूमों को निगल गया चमकी बुखार, पड़ोसी जिले भी बीमारी की चपेट में

नई दिल्ली। बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का कहर लगातार बरकरार है। अभी तक मौतों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीमारी की चपेट में आए करीब 100 बच्चे मौत के मुंह जा चुके हैं। इस बीमारी से पीड़ित करीब 375 बच्चे श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) और केजरीवाल अस्पताल में एडमिट हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर के बाद अब एईस(एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) ने आस-पास के दूसरे जिलों को भी अपनी जद में ले लिया है।

After Muzaffarpur Kids Suffering From Aes Increasing In Motihari 2 :

मुजफ्फरपुर के बाद अब चमकी ने मोतिहारी में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिये हैं। मोतिहारी जिले से 36 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें मासूम बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इन सभी बच्चों का इलाज मुजफ्फरपुर और पूर्वी चम्पारण के विभिन्न निजी अस्पतालों में किया जा रहा है।

इन पीड़ित बच्चों में सबसे अधिक 16 बच्चे चकिया प्रखंड के गांवों के है। जिनमें पांच की मौत हो चुकी है। आज जिले में 18 नए मरीजों की शिनाख्त हो सकी है जबकि मोतिहारी के सदर अस्पताल में तीन बच्चों का इलाज किया जा रहा है जिसमें एक की एईएस से पीड़ित होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने किया है।

वहीं, चमकी बुखार के रोकथाम को लेकर अब तक जो भी प्रयास किए जा रहे हैं वो स्थिति को देखते हुए नाकाम साबित हो रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन पूरी टीम के साथ रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे और डॉक्टरों को क्लीन चिट देते हुए कहा कि अस्पताल पूरी कोशिश कर रहा है। हर्षवर्धन ने कहा, बीमारी की पहचान करने के लिए शोध होना चाहिए, जिसकी अभी भी पहचान नहीं है।

नई दिल्ली। बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का कहर लगातार बरकरार है। अभी तक मौतों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीमारी की चपेट में आए करीब 100 बच्चे मौत के मुंह जा चुके हैं। इस बीमारी से पीड़ित करीब 375 बच्चे श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) और केजरीवाल अस्पताल में एडमिट हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर के बाद अब एईस(एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) ने आस-पास के दूसरे जिलों को भी अपनी जद में ले लिया है। मुजफ्फरपुर के बाद अब चमकी ने मोतिहारी में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिये हैं। मोतिहारी जिले से 36 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें मासूम बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इन सभी बच्चों का इलाज मुजफ्फरपुर और पूर्वी चम्पारण के विभिन्न निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। इन पीड़ित बच्चों में सबसे अधिक 16 बच्चे चकिया प्रखंड के गांवों के है। जिनमें पांच की मौत हो चुकी है। आज जिले में 18 नए मरीजों की शिनाख्त हो सकी है जबकि मोतिहारी के सदर अस्पताल में तीन बच्चों का इलाज किया जा रहा है जिसमें एक की एईएस से पीड़ित होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने किया है। वहीं, चमकी बुखार के रोकथाम को लेकर अब तक जो भी प्रयास किए जा रहे हैं वो स्थिति को देखते हुए नाकाम साबित हो रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन पूरी टीम के साथ रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे और डॉक्टरों को क्लीन चिट देते हुए कहा कि अस्पताल पूरी कोशिश कर रहा है। हर्षवर्धन ने कहा, बीमारी की पहचान करने के लिए शोध होना चाहिए, जिसकी अभी भी पहचान नहीं है।