महाराष्ट्र में PMC के बाद एक और बड़ा घोटाला, लोगों के करोड़ों रुपये डूबने की आशंका

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महाराष्ट्र में PMC के बाद एक और बड़ा घोटाला, लोगों के करोड़ों रुपये डूबने की आशंका

मुंबई। पंजाब ऐंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (PMC) बैंक घोटाले के बाद महाराष्ट्र में एक और बड़े घोटाले का अंदेशा जताया जा रहा है। इस ज्वेलर्स के सभी दुकान 21 अक्टूबर से बंद हैं। ग्राहकों का कहना है कि मालिक फरार हो गया है। महाराष्ट्र और खासकर मुंबई से सटे कई शहरों में पिछले कुछ सालो में गुडविन ज्वेलर्स ने अपनी शाखाएं चालू की थी। इन शाखाओं में रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी), फिक्स डिपॉजिट जैसी योजनाएं बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश लिया गया।  
 
ज्वेलर्स के गायब होने के संबंध में लोगों ने पुलिस में शिकायत दी है। ज्वेलर्स का मालिक अपना घर छोड़कर परिवार के साथ 21 अक्टूबर से ही ही गायब है। इसी वजह से यह पूरा मामला एक सोची समझी साजिश होने की आशंका जताई जा रही है। जब पुलिस जूलरी स्टोर गुडविन स्टोर्स के मालिकों सुनील कुमार तथा सुधीश कुमार के डोंबिवली स्थित आवास पर पहुंची तो उसे बंद पाया, जिसके बाद इसी इलाके में स्थित उनके शोरूम को सील कर दिया।

After Pmc Bank This Maharashtra Jeweller Shut Many Branches Without Warning Investors Get Panic Goodwin Jewellers :

कौन है गुडविन ग्रुप के मालिक?

सुनील तथा सुधीश केरल के रहने वाले हैं और मुंबई तथा पुणे में उनके कम से कम 13 आउटलेट हैं। गुडविन जूलर्स के मालिक सुनील तथा सुधीश पिछले 22 वर्षों से जूलरी के कारोबार में हैं। माना जा रहा है कि एक वॉइस मैसेज में चेयरमैन ने निवेशकों से कहा है कि उनका निवेश सुरक्षित है और उन्हें उनकी रकम वापस मिल जाएगी। मैसेज में कहा गया है कि जो कुछ भी हुआ है, वह तीन साल पहले शुरू हुए एक मिस कैंपेन का नतीजा है, जब हमारी फैमिली संकट में फंसी। कारोबार प्रभावित हुआ, लेकिन हम इससे निपटने के लिए नए आइडिया पर काम कर रहे हैं।

इस वजह से बढ़ी निवेशको की चिंता

एक निवेशक का दावा है कि डोंबिवली ऑफिस 21 अक्टूबर को बंद किया गया और जब उन्होंने फोन पर स्टोर के कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि स्टोर दो दिन के लिए बंद रहेगा। लेकिन दुकान दिवाली पर भी बंद रही, जिसके कारण चिंता बढ़ी।

गुडविन ग्रुप ने कैसे शुरू किया कारोबार

गुडविन ग्रुप ने जूलरी, कंस्ट्रक्शन, सिक्यॉरिटी डिवाइसेज तथा आयात-निर्देश में निवेश कर रखा है। 1992 में इसने केरल में जूलरी बनाना शुरू किया और अगले तीन साल में यह जूलरी का होलसेल कारोबार करने लगा. साल 2004 में यह मुंबई के बाजार में उतरा। कंपनी की शाखाएं वाशी, ठाणे, डोंबिवली में दो, चेंबूर, वसई, अंबरनाथ, पुणे में तीन तथा केरल में हैं. इसने विदेश में भी शोरूम खोलने वाला था।

क्या भी कंपनी की वो स्कीमें जिसने निवेशको का बढ़ाया था उत्साह

गुडविन ग्रुप की पहली स्कीम में फिक्स्ड डिपॉजिट पर 16% इंट्रेस्ट की पेशकश की गई थी। दूसरी स्कीम में डिपॉजिट के 1 साल पूरे होने पर गोल्ड जूलरी देने की पेशकश की गई थी। कोई निवेशक 1 साल के लिए 1 महीने में चाहे कितनी भी रकम का निवेश कर सकता था। निवेशक अपनी रकम के बराबर गोल्ड ले सकता था या कैश चाहने वालों को 14 महीने के लिए इंतजार करना पड़ता था।  

मुंबई। पंजाब ऐंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (PMC) बैंक घोटाले के बाद महाराष्ट्र में एक और बड़े घोटाले का अंदेशा जताया जा रहा है। इस ज्वेलर्स के सभी दुकान 21 अक्टूबर से बंद हैं। ग्राहकों का कहना है कि मालिक फरार हो गया है। महाराष्ट्र और खासकर मुंबई से सटे कई शहरों में पिछले कुछ सालो में गुडविन ज्वेलर्स ने अपनी शाखाएं चालू की थी। इन शाखाओं में रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी), फिक्स डिपॉजिट जैसी योजनाएं बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश लिया गया।     ज्वेलर्स के गायब होने के संबंध में लोगों ने पुलिस में शिकायत दी है। ज्वेलर्स का मालिक अपना घर छोड़कर परिवार के साथ 21 अक्टूबर से ही ही गायब है। इसी वजह से यह पूरा मामला एक सोची समझी साजिश होने की आशंका जताई जा रही है। जब पुलिस जूलरी स्टोर गुडविन स्टोर्स के मालिकों सुनील कुमार तथा सुधीश कुमार के डोंबिवली स्थित आवास पर पहुंची तो उसे बंद पाया, जिसके बाद इसी इलाके में स्थित उनके शोरूम को सील कर दिया। कौन है गुडविन ग्रुप के मालिक? सुनील तथा सुधीश केरल के रहने वाले हैं और मुंबई तथा पुणे में उनके कम से कम 13 आउटलेट हैं। गुडविन जूलर्स के मालिक सुनील तथा सुधीश पिछले 22 वर्षों से जूलरी के कारोबार में हैं। माना जा रहा है कि एक वॉइस मैसेज में चेयरमैन ने निवेशकों से कहा है कि उनका निवेश सुरक्षित है और उन्हें उनकी रकम वापस मिल जाएगी। मैसेज में कहा गया है कि जो कुछ भी हुआ है, वह तीन साल पहले शुरू हुए एक मिस कैंपेन का नतीजा है, जब हमारी फैमिली संकट में फंसी। कारोबार प्रभावित हुआ, लेकिन हम इससे निपटने के लिए नए आइडिया पर काम कर रहे हैं। इस वजह से बढ़ी निवेशको की चिंता एक निवेशक का दावा है कि डोंबिवली ऑफिस 21 अक्टूबर को बंद किया गया और जब उन्होंने फोन पर स्टोर के कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि स्टोर दो दिन के लिए बंद रहेगा। लेकिन दुकान दिवाली पर भी बंद रही, जिसके कारण चिंता बढ़ी। गुडविन ग्रुप ने कैसे शुरू किया कारोबार गुडविन ग्रुप ने जूलरी, कंस्ट्रक्शन, सिक्यॉरिटी डिवाइसेज तथा आयात-निर्देश में निवेश कर रखा है। 1992 में इसने केरल में जूलरी बनाना शुरू किया और अगले तीन साल में यह जूलरी का होलसेल कारोबार करने लगा. साल 2004 में यह मुंबई के बाजार में उतरा। कंपनी की शाखाएं वाशी, ठाणे, डोंबिवली में दो, चेंबूर, वसई, अंबरनाथ, पुणे में तीन तथा केरल में हैं. इसने विदेश में भी शोरूम खोलने वाला था। क्या भी कंपनी की वो स्कीमें जिसने निवेशको का बढ़ाया था उत्साह गुडविन ग्रुप की पहली स्कीम में फिक्स्ड डिपॉजिट पर 16% इंट्रेस्ट की पेशकश की गई थी। दूसरी स्कीम में डिपॉजिट के 1 साल पूरे होने पर गोल्ड जूलरी देने की पेशकश की गई थी। कोई निवेशक 1 साल के लिए 1 महीने में चाहे कितनी भी रकम का निवेश कर सकता था। निवेशक अपनी रकम के बराबर गोल्ड ले सकता था या कैश चाहने वालों को 14 महीने के लिए इंतजार करना पड़ता था।