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संक्रांति के बाद सपा को बड़ा नुकसान पहुंचायेगी भाजपा, कई विपक्षी नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की तैयारी

कल योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्या के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सपा में जानें की अटकलें लगनी शुरु हो गयी थी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके साथ अपनी फोटो ट्वीटर पर शेयर कर उनका पार्टी में स्वागत भी कर दिया। लेकिन मौर्य ने मीडिया से अपना पक्ष रखने के दौरान कहा कि अभी उन्होंने कोई फैसला नहीं किया है।

By प्रिन्स राज 
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लखनऊ। कल योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्या(Swami Prasad Maurya) के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सपा में जानें की अटकलें लगनी शुरु हो गयी थी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके साथ अपनी फोटो ट्वीटर पर शेयर कर उनका पार्टी में स्वागत भी कर दिया। लेकिन मौर्य ने मीडिया से अपना पक्ष रखने के दौरान कहा कि अभी उन्होंने कोई फैसला नहीं किया है।

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वो अपने प्रशंसकों से बातचीत करने के बाद ही कोई फैसला करेंगे। मौर्य के साथ साथ और भी कई विधायकों ने भाजपा का दामन छोड़ा है। सत्ताधारी पार्टी में हुई डैमेज को कंट्रोल करने के लिए और सपा को काउंटर अटैक(Counter Attack) करने के लिए भाजपा ने भी तैयारी कर ली है। भाजपा संक्रांति के पर्व के बाद सपा को बड़ा झटका देने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के मौके पर या फिर उसके बाद किसी भी दिन भाजपा सपा के कुछ विधायकों को पार्टी में शामिल करा सकती है। सियासी हलकों में इन नामों की जोर-शोर से चर्चा भी हो रही है।

इनमें से कई तो ब्राह्मण नेता हैं, जिनकी मदद से अखिलेश यादव बिरादरी को लुभाने की कोशिश में जुटे रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो यह सपा के खिलाफ भाजपा की काउंटर स्ट्रेटेजी होगी, जिसके जरिए वह स्वामी प्रसाद एवं अन्य नेताओं की टूट की काट करेगी। खासतौर पर ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल कराकर भाजपा यह संदेश देना चाहेगी कि बिरादरी की नाराजगी का जो नैरेटिव(Narrative) उसके खिलाफ चलाया जा रहा है, वह सही नहीं है। इनमें से एक नेता के तौर पर मनोज पांडेय का भी नाम लिया जा रहा है, जो रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक हैं।

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