आखिरकार माँ की ममता के आगे आतंक ने टेक दिये घुटने, जानें पूरी कहानी…

श्रीनगर। फुटबॉलर से लश्कर आतंकी बने 20 साल के माजिद ने आखिरकार आतंक का रास्ता छोड़ सरेंडर कर दिया। जम्मू-कश्मीर का रहने वाला मजिद महज आठ दिन पहले परिवार को छोड़ आतंक के रास्ते पर चल पड़ा था, लेकिन जब उसकी मां की तड़प और पुकारा सुनकर वो फिर से उसके पास लौट आया। उसने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया है।

फिलहाल वह पुलिस की हिरासत में है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। 10 नवंबर को यहां के अनंतनाग शहर में रहने वाले मजीद अर्शिद खान ने फेसबुक पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ने का ऐलान किया था। उसने पोस्ट में फोटो भी डाला था, जिसमें वह एक-47 राइफल पकड़े था। खान यहां पर मशहूर फुटबॉलर था और वह एक गैर सरकारी संगठन के साथ काम भी कर चुका था।

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टि्वटर पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी। उसने लिखा, “हमें वह वापस मिल गया है। यह वाकई में खुशी का पल है। यह उसकी मां की मन्नतों का परिणाम है। जिन लड़कों ने हथियार उठा रखे हैं, उसने गुजारिश है कि वे अपने घरों को लौट आएं।” मजीद के आंतकी संगठन छोड़ने पर उसके दोस्त हैरान हैं, क्योंकि वह घर में इकलौता बेटा है।
सोशल मीडिया असर
पिछले सप्ताह माजिद की हाथ में एके-47 लिए एक फोटो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर वायरल हो रही थी। उसके माता-पिता की अपील के साथ उसके लौटने का एक सोशल मीडिया कैम्पेन चलाया गया। गुरूवार की शाम को उसके पिता की अस्पताल में भर्ती की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर नजर आई।

फुटबॉलर से आतंकी बना था माजिद –
खान एक अच्छा एथलीट था और खेलों में बहुत अच्छा परफॉर्म करता था। उसने स्थानीय फुटबॉल और क्रिकेट क्लब के लिए भी काफी मेड्लस जीते थे। बी.कॉम सेकंड ईयर का छात्र रहा माजिद एक मानवीय संगठन के साथ स्वयंसेवक के रूप में भी काम कर रहा था। वह अपने क्षेत्र का जाना माना फुटबॉलर था और उसके 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा बहुत अच्छे नंबरों से पास की थी।

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मां ने की वापस लौटने की अपील –
उसका हथियार उठाने का फैसला परिवार वालों के लिए बहुत बड़ा झटका था और वे चाहते थे कि उनका बेटा लौट आए। सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो में उसकी मां आयशा यही कहती हुई दिख रही है, ‘वापस आ जाओ और हमें मार दो, फिर चले जाओ। हमें किसके लिए छोड़ा है? अपने पिता के लिए माजिद जितनी जल्दी हो सके आ जाओ।’

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