गिलानी के बाद फारूक को भी प्रशासन ने किया नज़रबंद, नहीं मिली सम्मेलन की मंजूरी

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श्रीनगर| प्रशासन ने अलगाववादी व वरिष्ठ हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के घर पर मानवाधिकार उल्लंघन पर आयोजित सेमिनार की इजाजत नहीं दी। बता दें, गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक के नेतृत्व वाले अलगाववादी समूह संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व ने उनके हैदरपुरा स्थित आवास में सेमिनार आयोजित किया था। जिस पर प्रशासन ने रोक लगा दी जिसके बाद अलगाववादी नेता का गुस्सा फूट पड़ा।

सम्मेलन का विषय ‘कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन और विश्व समुदाय का आपराधिक मौन’ था। लेकिन गिलानी के घर के बाहर भारी संख्या में मौजूद पुलिस और अर्धसैनिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने किसी को भी घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते सम्मेलन नहीं हो पाया। मौके पर मौजूद भीड़ ने हंगामा शुरू करना चाहा लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे अलगाववादियों की एक नहीं चली।

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गिलानी करीब एक साल से घर में नजरबंद हैं क्योंकि प्रशासन को भय है कि अलगाववादी विरोधों में उनके शामिल होने से कानून, व्यवस्था बिगड़ सकती है।
पुलिस ने गुरुवार को उमर फारूक को भी नजरबंद कर दिया।

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श्रीनगर| प्रशासन ने अलगाववादी व वरिष्ठ हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के घर पर मानवाधिकार उल्लंघन पर आयोजित सेमिनार की इजाजत नहीं दी। बता दें, गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक के नेतृत्व वाले अलगाववादी समूह संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व ने उनके हैदरपुरा स्थित आवास में सेमिनार आयोजित किया था। जिस पर प्रशासन ने रोक लगा दी जिसके बाद अलगाववादी नेता का गुस्सा फूट पड़ा। सम्मेलन का विषय 'कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन और विश्व समुदाय का आपराधिक मौन'…
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