साल 2018 में जारी हुई सूची के बाद, आतंकी हमलों का आंकड़ा इतना बढ़ा

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साल 2018 में जारी हुई सूची के बाद, आतंकी हमलों का आंकड़ा इतना बढ़ा

नई दिल्ली। श्रीलंका में हुए बम धमाकों के बाद से पूरे दुनिया में दहशत फैल गई है। भारत से मन नहीं भरा तो पड़ोसी देश श्रीलंका को निशाना बनाकर दक्षिण एशिया में आतंकवाद की खूनी छींटें और सुर्ख हो चली है। इस क्षेत्र में यह पिछले 15 वर्षों का सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

After The List Released In 2018 The Number Of Terror Attacks Increased :

बता दें, 1970 और 2017 के बीच दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों और उनमें हताहतों के विश्लेषण से पता चलता है कि दक्षिण एशिया दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है। वैश्विक आतंकवाद पर सबसे व्यापक ग्लोबल टेरर डाटाबेस (जीटीडी) के विश्लेषण की भयावह तस्वीर बताती है कि 1970 से 2017 यानी पिछले 48 वर्षों में दुनिया भर में हुए कुल 1.8 लाख आतंकी हमलों में से 31 फीसद हमले दक्षिण एशिया में हुए जिनमें दुनिया की कुल 29 फीसद मौतें हुईं। यही नहीं, कुल आतंकी वारदातों के मामले में मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (एमईएनए) सबसे आगे रहे।

साल 2002 और साल 2019 के बीच आतंकी हमलों का आंकड़ा

दक्षिण एशिया देशों में 31,959 आतंकी हमले हुए, जिसमें 59,229 लोगों की जान गई। हाल ही में 21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका में बम धमाकों में 290 लोगों ने अपनी जन गवाई। वहीं साल 2014 में पेशावर में हुए आतंकी हमले में मरने वालों की कुल संख्या 150 थी। यही नहीं साल 2008 में 26 नवंबर को मुंबई के ताज होटल पर हुए आतंकी हमले में 150 से ज्यादा लोगो ने अपनी जान से हाथ धो बैठे थे जिसमें कई विदेशी भी शामिल थे,इस हमले ने देश को झनझोर कर रख दिया था।

बता दें, आठवें दशक की शुरुआत में दक्षिण एशिया आतंकवादी हमलों से बहुत हद तक मुक्त था। धीरे-धीरे इस क्षेत्र में आतंकी हमलों की संख्या बढ़ती गई। 1970 में यहां 651 आतंकी हमले हुए। 2014 में यह आंकड़ा 17 हजार पार हो गया। हालांकि, अगले तीन वर्षों में हमलों में गिरावट दिखी और 2017 तक 10,897 रह गई।

साथ ही साल 2018 की अपनी नवीनतम रैंकिंग में ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (जीटीआइ) ने तीन दक्षिण एशियाई देशों (अफगानिस्तान, भारत और पाकिस्तान) को आतंकवाद से प्रभावित शीर्ष 10 देशों की सूची में शामिल किया है। इस सूची में इराक पहले और अफगानिस्तान दूसरे स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान पांचवें और भारत सातवें स्थान पर है।

यही नहीं साल 2018 वैश्विक आतंकवाद सूचकांक के मुताबिक 2002-2017 के बीच, श्रीलंका और नेपाल ऐसे दक्षिण एशियाई देश थे, जहां आतंक का घाव भरता दिखा।

वैश्विक आतंकवाद सूचकांक के अगले साल 2019 में भारत पर हुए पुलवामा आतंकी हमले से पूरी दुनिया में शोक का महौला छा गया। इस हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ़ जवान शहीद हुए थे। इसी सब हमलों को मद्देनजर रखते हुए सूचना जारी हुई कि 49 वर्ष से दुनिया हर दिन 10 से ज्यादा आतंकी हमले झेल रही है।

 

नई दिल्ली। श्रीलंका में हुए बम धमाकों के बाद से पूरे दुनिया में दहशत फैल गई है। भारत से मन नहीं भरा तो पड़ोसी देश श्रीलंका को निशाना बनाकर दक्षिण एशिया में आतंकवाद की खूनी छींटें और सुर्ख हो चली है। इस क्षेत्र में यह पिछले 15 वर्षों का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। बता दें, 1970 और 2017 के बीच दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों और उनमें हताहतों के विश्लेषण से पता चलता है कि दक्षिण एशिया दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है। वैश्विक आतंकवाद पर सबसे व्यापक ग्लोबल टेरर डाटाबेस (जीटीडी) के विश्लेषण की भयावह तस्वीर बताती है कि 1970 से 2017 यानी पिछले 48 वर्षों में दुनिया भर में हुए कुल 1.8 लाख आतंकी हमलों में से 31 फीसद हमले दक्षिण एशिया में हुए जिनमें दुनिया की कुल 29 फीसद मौतें हुईं। यही नहीं, कुल आतंकी वारदातों के मामले में मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (एमईएनए) सबसे आगे रहे। साल 2002 और साल 2019 के बीच आतंकी हमलों का आंकड़ा दक्षिण एशिया देशों में 31,959 आतंकी हमले हुए, जिसमें 59,229 लोगों की जान गई। हाल ही में 21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका में बम धमाकों में 290 लोगों ने अपनी जन गवाई। वहीं साल 2014 में पेशावर में हुए आतंकी हमले में मरने वालों की कुल संख्या 150 थी। यही नहीं साल 2008 में 26 नवंबर को मुंबई के ताज होटल पर हुए आतंकी हमले में 150 से ज्यादा लोगो ने अपनी जान से हाथ धो बैठे थे जिसमें कई विदेशी भी शामिल थे,इस हमले ने देश को झनझोर कर रख दिया था। बता दें, आठवें दशक की शुरुआत में दक्षिण एशिया आतंकवादी हमलों से बहुत हद तक मुक्त था। धीरे-धीरे इस क्षेत्र में आतंकी हमलों की संख्या बढ़ती गई। 1970 में यहां 651 आतंकी हमले हुए। 2014 में यह आंकड़ा 17 हजार पार हो गया। हालांकि, अगले तीन वर्षों में हमलों में गिरावट दिखी और 2017 तक 10,897 रह गई। साथ ही साल 2018 की अपनी नवीनतम रैंकिंग में ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (जीटीआइ) ने तीन दक्षिण एशियाई देशों (अफगानिस्तान, भारत और पाकिस्तान) को आतंकवाद से प्रभावित शीर्ष 10 देशों की सूची में शामिल किया है। इस सूची में इराक पहले और अफगानिस्तान दूसरे स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान पांचवें और भारत सातवें स्थान पर है। यही नहीं साल 2018 वैश्विक आतंकवाद सूचकांक के मुताबिक 2002-2017 के बीच, श्रीलंका और नेपाल ऐसे दक्षिण एशियाई देश थे, जहां आतंक का घाव भरता दिखा। वैश्विक आतंकवाद सूचकांक के अगले साल 2019 में भारत पर हुए पुलवामा आतंकी हमले से पूरी दुनिया में शोक का महौला छा गया। इस हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ़ जवान शहीद हुए थे। इसी सब हमलों को मद्देनजर रखते हुए सूचना जारी हुई कि 49 वर्ष से दुनिया हर दिन 10 से ज्यादा आतंकी हमले झेल रही है।