अम्मा की सीट पर उपचुनाव जीत दिनाकरण बोले अम्मा का आशीर्वाद मेरे साथ

अम्मा की सीट पर उपचुनाव जीत दिनाकरण बोले अम्मा का आशीर्वाद मेरे साथ

नई दिल्ली। पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम रविवार को सामने आ चुके हैं। इन पांचों सीटों में सबसे अहम चुनाव था, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री जे.जयाललिता अम्मा के निधन से खाली हुई आरके नगर सीट पर। आरके नगर सीट पर जयाललिता के दत्तक पुत्र और शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए हैं। उन्होंने सूबे की सत्तारूढ़ एआईडीएमके के प्रत्याशी को 40 हजार से ज्यादा मतों से हारया है। अम्मा की सीट पर जीत हासिल करने के ​बाद उत्साहित नजर आए दिनाकरण ने अपनी जीत को अम्मा का आशीर्वाद करार देते हुए कहा कि एआईडीएमके का चुनाव निशान दो पत्ती जीत का प्रतीक है। लेकिन यह चुनाव निशान आजकल गुंडों के हाथों में। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि तमिलनाडु की वर्तमान एआईडीएमके सरकार दो महीनों में गिर जाएगी। वह सांकेतिक रूप से एआईडीएमके पर दोबारा कब्जा जमाने की बात कहते नजर आए।

रविवार को सामने आए उपचुनावों के परिणामों की बात की जाए तो भाजपा को उत्तर प्रदेश की एक सीट और अरुणाचल प्रदेश की दो सीटें मिलाकर कुल तीन सीटों पर जीत हासिल हुई है। जबकि पश्चिम बंगाल में एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में तृणमूल ने विजय प्राप्त की है।

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भाजपा को तीन सीटों पर मिली जीत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की प्रशंसा करते हुए, विजयी हुए प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं हैं।

वहीं अगर तमिलनाडु की आरके नगर विधानसभा सीट के चुनाव परिणामों की बात की जाए तो आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति पर इसका असर नजर आएगा। अम्मा के निधन के बाद जिस तरह से एआईडीएमके में गुटबाजी शुरू हुई वह पार्टी के भविष्य पर सवालिया निशान खड़े कर रही है। अम्मा की उत्तराधिकारी के रूप में पार्टी की कमान संभालने वाली शशिकला के जेल जाने के बाद एआईडीएमके की अंदरूनी राजनीति पर हावी हुए अम्मा के विश्वासपात्र ओ. पन्नीरसेल्वम ने शशिकला गुट में सेंधमारी कर शशिकला और उनके भतीजे टीटीवी ​दिनाकरण को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था। अम्मा की हर चीज पर अपना अधिकार जताने वाले शशिकला और दिनाकरण ने निर्दलीय उम्मीदवार और अम्मा के उत्तराधिकारी के रूप में चुनाव लड़ा था।

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आरके नगर सीट अम्मा की पारंपरिक सीट थी, जिस पर कब्जा करना दिनाकरण के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। उनकी इस जीस से पार्टी के भीतर मौजूद अम्मा समर्थक विधायक एकबार फिर से दिनाकरण के नेतृत्व में आस्था जता सकते हैं। जिससे शशिकला और दिनाकरण की पार्टी में वापसी का रास्त बन सकता है। दिनाकरण ने भी तमिलनाडु की एआईडीएमके सरकार गिरने की बात कहकर इस बात के संकेत भी दे दिए हैं।

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