एनकाउंटर पर बोले दिग्विजय, कहा- मुसलमानों के साथ हो रहे अन्याय के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के एनकाउंटर के बाद राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस मामले में बोलते हुए कहा कि मैं ये काफी समय से कह रहा हूं। लगातार मुसलमानों के साथ हो रहे अन्याय के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है कि जहां पाकिस्तान की भारत को अस्थिर करने की इच्छा भारतीय मुसलमानों के आकर्षित कर रही है। उन्हें यहां से जुड़े होने का विश्वास देना होगा। उन्हें ये विश्वास दिलाना होगा कि इस देश के सभी नागरिकों को बराबर न्याय, सम्मान और अधिकार प्राप्त है। तालिबान हमारे पड़ोस के देशों में एक्टिव है लेकिन आजतक कोई भारतीय मुसलमान उससे प्रेरित नहीं लेकिन एक दम से आईएसएस भारत में एक्टिव हो रहा है।




इस तरह कि हिंसा इस देश के मूल विचार के खिलाफ है। ये सरकार के लिए वेक अप कॉल है कि मुसलमानों से पृथक ना रखें। सरकार को बराबर मौके और न्याय देना होगा। इससे पहेल उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया कि राजधानी लखनऊ में मारा गया संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के तार अंतरर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जुड़े थे, इसका कोई प्रमाण नहीं है। पुलिस महानिदेशक दलजीत चौधरी ने मीडिया से कहा कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि सैफुल्लाह के आईएसआईएस से संबंध थे। आज के युग में कोई भी युवा आईएसआईएस के बहकावे में आ सकता है। इंटरनेट, सोशल मीडिया के माध्यम से वे प्रेरित हो जाते हैं।




गौरतलब है कि लखनऊ के हाजी कॉलोनी में मंगलवार देर 11 घंटे चले एनकाउंटर में सैफुल्ला मारा गया था। लखनऊ में बुधवार सुबह एटीएस द्वारा मारे गये आतंकी सैफुल्लाह के पिता ने आज उसका शव लेने से इंकार करते हुये कहा कि उसने कोई देश हित का काम नही किया है इस लिये हम उसका शव लेकर कोई नया बखेड़ा नहीं चाहते है। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने सैफुल्लाह को मारा है तो कुछ सोच समझ कर ही मारा होगा। उसने कुछ गलत किया होगा। पुलिस के एसपी सिटी सोमेन वर्मा ने बताया कि लखनऊ में आज मारे गये आतंकी सैफुल्ला का परिवार कानपुर के जाजमउ के बंगालीघाट के पास रहता है। पुलिस ने परिवार वालों से शव लेने को कहा तो उसके पिता और भाई ने शव लेने से इंकार कर दिया।