आवास विकास परिषद ओपी चेंस से ले सकता है अपनी जमीन, तो अभी तक किसानों को क्यों नहीं मिला न्याय

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आवास विकास परिषद ओपी चेंस से ले सकती है अपनी जमीन, तो अभी तक किसानों को क्यों नहीं मिला न्याय

लखनऊ। आगरा शहर के रियल स्टेट कारोबारी ओपी चेंस ग्रुप की तानाशाही की कई खबरें पर्दाफाश आप तक पहुंचता रहा है। ओपी चेंस ग्रुप ने अपने प्रोजेक्ट एंथम में किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण शुरू करा दिया। कोर्ट के स्टे के बावजूद दबंग बिल्डर लगातार निर्माण कार्य करा रहा है। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम भूमिका रही है आवास विकास परिषद की, जिसने नियमों को ताक पर रखते हुए जमीन भारत नगर हाउसिंग सोसाइटी के नाम कर दी।

Agra Op Chains Fraud 2 :

अब इस मामले में एक नया पत्र सामने आया है, जिसमें कोर्ट के दखल के बावजूद आवास विकास परिषद ने जमीन पर भौतिक कब्जा कराने के संबंध में पत्र जारी किया है। पहला पत्र 06-02-2019 को अधिशासी अभियंता के नाम लिखा गया, जिसमें जिक्र किया गया कि परिषद की सिकंदरा योजना आगरा के सेक्टर-15 में स्थित पॉकेट-ए अविकसित भूमि का भौतिक कब्जा प्रमाण पत्र संशोधित करने के संबंध में, इस पत्र में स्पष्ट लिखा गया कि अविकसित भूमि जिसका क्षेत्रफल 113777.29 वर्गमीटर के स्थान पर क्षेत्रफल 2087.6083 वर्गमीटर कम हो गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि जिस संशोधन की बात विभाग द्वारा पत्र में की गयी है, ये बात उसे पहले क्यों नहीं संज्ञान में आई। जिस जमीन को आवास विकास अब छोड़ रहा है, वो पीड़ित किसानों की है, जिन्हे अभी तक अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है और ओपी चेंस ग्रुप ने जमीन के चारों तरफ बाउंड्री कराकर निर्माण कार्य लगातार जारी कर रखा है। किसानों को उनकी जमीन तक जाने का रास्ता भी नहीं दिया गया है।

आगरा प्रशासन से जब भी किसान अपनी मांगों को लेकर मिलने की कोशिश करते हैं, तो उन्हे कोई ना कोई बहाना बताकर वापस लौटा दिया जाता है। ओपी चेंस के रसूख के आगे आगरा का जिला प्रशासन भी नतमस्तक हो चुका है। जबकि कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक किसानों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में नहीं दर्ज कराये गए हैं। आवास विकास परिषद जब अपने हित के लिए जमीन वापस ले सकती है तो किसानों के लिए क्यों नहीं..जबकि किसान अभी भी दर-दर की ठोकरें खानें को मजबूर हैं। जल्द ही किसानों का एक दल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर मदद की गुहार लगाएगा।

ये है पूरा मामला

ओपी चेंस ग्रुप द्वारा सेक्टर 15 की जिस जमीन पर एंथम प्रोजेक्ट खड़ा हो रहा है, उसमें कई किसानों की जमीनें भी शामिल हैं। ये किसान करीब 4 दशकों से अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए आवास विकास परिषद् से कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और जमीन पर क़ाबिज़ हैं। साल 2016 में आवास विकास परिषद से इस विवादित जमीन को खुली ​नीलामी में खरीदने वाले ओपी चेंस ग्रुप के मालिकान शोभिक गोयल को परिषद की शर्त के मुताबिक इन किसानों से निजी स्तर पर विवाद का निपटारा करना था। जिसके बाद ही परिषद् की ओर से शोभिक गोयल को जमीन का भौतिक कब्जा मिल सकता था।

परिषद की शर्तों को पूरा करने के लिए शोभिक गोयल ने इन किसानों से उनकी जमीन का सौदा किया। जमीन के सौदे को लेकर किसानों के साथ शोभिक गोयल ने अलग—अलग इकरारनामे किए। जिनमें जमीन की कुछ कीमत दिए जाने और सौदा पक्का होने का जिक्र किया गया। इन इकरारनामों के मुताबिक शोभिक गोयल ने किसानों से जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए कुछ समय की मांगा था। जिसका जिक्र इकरारनामों में भी किया गया है।किसानों का कहना है कि शोभिक गोयल ने उनकी जमीन पर गेट बनाने और बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए मौखिक सहमति मांगी थी। चूंकि दोनों पक्षों के बीच सौदे की बात पक्की थी इसलिए किसानों इस अपनी जमीन की कीमत मिलने का इंतजार करते रहे। वहीं शोभिक गोयल ने उनकी जमीन को अपने ​प्रोजेक्ट के माध्यम से बेंचना भी शुरू कर दिया।

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