ओपी चेंस के विवादित प्रोजेक्ट ‘एंथम’ में पैसे लगाने वाले निवेशकों का डूब सकता है पैसा !

op-chains-group
आवास विकास परिषद ओपी चेंस से ले सकती है अपनी जमीन, तो अभी तक किसानों को क्यों नहीं मिला न्याय

आगरा। आगरा के बहुचर्चित रियल स्टेट कारोबारी ओपी चेंस के रसूख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी विवादित जमीन पर लगातार निर्माण कार्य जारी है और एंथम प्रोजेक्ट के तहत लगातार प्लॉट बेंचे भी जा रहे हैं। उच्च न्यायालय पहले ही उस जमीन को विवादित करार दे चुका है और उसे यथास्थित रहने के आदेश दे चुका है। इसी के साथ कोर्ट ने उक्त जमीन पर मालिकाना हक रखने वाले गरीब किसानों का नाम दर्ज कराने का भी आदेश दे दिया है। अब इस विवादित जमीन को लेकर बाकायदा अखबार में सूचना जारी कर दी गयी है, जिसमें लिखा गया है कि जो भी व्यक्ति इस विवादित प्रोजेक्ट में जमीन की खरीद-फरोख्त करेगा उसका जिम्मेदार वह स्वयं होगा।

Agra Op Chains Fraud :

बताते चलें कि इस विवादित जमीन को लेकर पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से लेकर विभागीय मंत्री तक से गुहार लगाई, लेकिन कहीं भी उन किसानों की सुनवाई नहीं हुई। मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है। आखिर में किसानों और उनके पक्षकारों ने अखबार में नोटिस के माध्यम से लोगों से अपील की है कि इस विवादित जमीन में अपना पैसा ना फंसाए। गत दो साल से लगातार इस विवाद को सुलझाने में आवास विकास परिषद और आगरा प्रशासन नाकाम रहे हैं। हालांकि ये पूरा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में पहले से है, बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगता।

ये है पूरा मामला

ओपी चेंस ग्रुप द्वारा सेक्टर 15 की जिस जमीन पर एंथम प्रोजेक्ट खड़ा हो रहा है, उसमें कई किसानों की जमीनें भी शामिल हैं। ये किसान करीब 4 दशकों से अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए आवास विकास परिषद् से कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और जमीन पर क़ाबिज़ हैं। साल 2016 में आवास विकास परिषद से इस विवादित जमीन को खुली ​नीलामी में खरीदने वाले ओपी चेंस ग्रुप के मालिकान शोभिक गोयल को परिषद की शर्त के मुताबिक इन किसानों से निजी स्तर पर विवाद का निपटारा करना था। जिसके बाद ही परिषद् की ओर से शोभिक गोयल को जमीन का भौतिक कब्जा मिल सकता था।

परिषद की शर्तों को पूरा करने के लिए शोभिक गोयल ने इन किसानों से उनकी जमीन का सौदा किया। जमीन के सौदे को लेकर किसानों के साथ शोभिक गोयल ने अलग—अलग इकरारनामे किए। जिनमें जमीन की कुछ कीमत दिए जाने और सौदा पक्का होने का जिक्र किया गया। इन इकरारनामों के मुताबिक शोभिक गोयल ने किसानों से जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए कुछ समय की मांगा था। जिसका जिक्र इकरारनामों में भी किया गया है।किसानों का कहना है कि शोभिक गोयल ने उनकी जमीन पर गेट बनाने और बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए मौखिक सहमति मांगी थी। चूंकि दोनों पक्षों के बीच सौदे की बात पक्की थी इसलिए किसानों इस अपनी जमीन की कीमत मिलने का इंतजार करते रहे। वहीं शोभिक गोयल ने उनकी जमीन को अपने ​प्रोजेक्ट के माध्यम से बेंचना भी शुरू कर दिया।

ये भी पढ़ें-

आगरा के ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी पार्ट-3
आगरा के ओपी चेंस ग्रुप की बड़ी धोखाधड़ी, हजारों निवेशकों की पूंजी दांव पर
ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी के खिलाफ जांच के आदेश
ओपी चेंस ग्रुप के एंथम और एंथेला प्रोजेक्ट पर जल्द लगेगा ताला, शासन ने मांगी रिपोर्ट

आगरा। आगरा के बहुचर्चित रियल स्टेट कारोबारी ओपी चेंस के रसूख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी विवादित जमीन पर लगातार निर्माण कार्य जारी है और एंथम प्रोजेक्ट के तहत लगातार प्लॉट बेंचे भी जा रहे हैं। उच्च न्यायालय पहले ही उस जमीन को विवादित करार दे चुका है और उसे यथास्थित रहने के आदेश दे चुका है। इसी के साथ कोर्ट ने उक्त जमीन पर मालिकाना हक रखने वाले गरीब किसानों का नाम दर्ज कराने का भी आदेश दे दिया है। अब इस विवादित जमीन को लेकर बाकायदा अखबार में सूचना जारी कर दी गयी है, जिसमें लिखा गया है कि जो भी व्यक्ति इस विवादित प्रोजेक्ट में जमीन की खरीद-फरोख्त करेगा उसका जिम्मेदार वह स्वयं होगा। बताते चलें कि इस विवादित जमीन को लेकर पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से लेकर विभागीय मंत्री तक से गुहार लगाई, लेकिन कहीं भी उन किसानों की सुनवाई नहीं हुई। मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है। आखिर में किसानों और उनके पक्षकारों ने अखबार में नोटिस के माध्यम से लोगों से अपील की है कि इस विवादित जमीन में अपना पैसा ना फंसाए। गत दो साल से लगातार इस विवाद को सुलझाने में आवास विकास परिषद और आगरा प्रशासन नाकाम रहे हैं। हालांकि ये पूरा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में पहले से है, बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगता। ये है पूरा मामला ओपी चेंस ग्रुप द्वारा सेक्टर 15 की जिस जमीन पर एंथम प्रोजेक्ट खड़ा हो रहा है, उसमें कई किसानों की जमीनें भी शामिल हैं। ये किसान करीब 4 दशकों से अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए आवास विकास परिषद् से कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और जमीन पर क़ाबिज़ हैं। साल 2016 में आवास विकास परिषद से इस विवादित जमीन को खुली ​नीलामी में खरीदने वाले ओपी चेंस ग्रुप के मालिकान शोभिक गोयल को परिषद की शर्त के मुताबिक इन किसानों से निजी स्तर पर विवाद का निपटारा करना था। जिसके बाद ही परिषद् की ओर से शोभिक गोयल को जमीन का भौतिक कब्जा मिल सकता था। परिषद की शर्तों को पूरा करने के लिए शोभिक गोयल ने इन किसानों से उनकी जमीन का सौदा किया। जमीन के सौदे को लेकर किसानों के साथ शोभिक गोयल ने अलग—अलग इकरारनामे किए। जिनमें जमीन की कुछ कीमत दिए जाने और सौदा पक्का होने का जिक्र किया गया। इन इकरारनामों के मुताबिक शोभिक गोयल ने किसानों से जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए कुछ समय की मांगा था। जिसका जिक्र इकरारनामों में भी किया गया है।किसानों का कहना है कि शोभिक गोयल ने उनकी जमीन पर गेट बनाने और बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए मौखिक सहमति मांगी थी। चूंकि दोनों पक्षों के बीच सौदे की बात पक्की थी इसलिए किसानों इस अपनी जमीन की कीमत मिलने का इंतजार करते रहे। वहीं शोभिक गोयल ने उनकी जमीन को अपने ​प्रोजेक्ट के माध्यम से बेंचना भी शुरू कर दिया।

ये भी पढ़ें-

आगरा के ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी पार्ट-3 आगरा के ओपी चेंस ग्रुप की बड़ी धोखाधड़ी, हजारों निवेशकों की पूंजी दांव पर ओपी चेंस ग्रुप की धोखाधड़ी के खिलाफ जांच के आदेश ओपी चेंस ग्रुप के एंथम और एंथेला प्रोजेक्ट पर जल्द लगेगा ताला, शासन ने मांगी रिपोर्ट