आगरा पुलिस का मानवीय चेहरा, पैसे जुटाकर थाने में की दुष्कर्म पीड़िता की तेरहवीं

Agra Police's human face
आगरा पुलिस का मानवीय चेहरा, पैसे जुटाकर थाने में की दुष्कर्म पीड़िता की तेरहवीं

लखनऊ। आगरा पुलिस का तब एक मानवीय चेहरा नजर आया जब थाने के सभी पुलिस कर्मियों ने आपस में पैसा जुटाकर एक अज्ञात दुष्कर्म पीड़िता की तेरहवीं की। दरअसल पुलिस को घायल अवस्था में एक मांसिक विक्षिप्त युवती मिली थी। जब पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया तो पता चला कि उसके साथ रेप हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी लेकिन उसकी शिनाख्त न हो सकी। पुलिस ने ही उसका अंतिम संस्कार किया था और फिर उसकी तेरहवीं भी की।

Agra Polices Human Face Raising Money In The Police Station The Thirteenth Of The Rape Victim :

यह मामला आगरा के थाना एत्माद्दौला की है। बताया गया कि पुलिस को यमुना ब्रिज स्टेशन के पास बीते 21 दिसंबर को घायल अवस्था में एक मांसिक विक्षिप्त युवती मिली थी। पुलिस द्वारा बताया गया कि आरोपी ने रेप के बाद युवती के सिर पर किसी भारी हथियार से वार कर दिया था जिसकी वजह से उसके सिर पर काफी गहरी चोट आयी थी। महिला को अस्पाताल में भर्ती करवाया गया लेकिन दो दिन बाद उसकी मौत हो गयी। 72 घंटे बीत जाने के बाद भी जब उसकी ​शिनाख्त नहीं हुई तो पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया था। वहीं पुलिस ने आरोपी एटा निवासी सुगड़ सिंह उर्फ सोड़ा को जेल भेज दिया था।

अन्तिम संस्कार के बाद हिन्दू ​रीति रिवाज के अनुसार पुलिस ने शुक्रवार को तेरहवीं भी की, इस दौरान पहले हवन करवाया गया और उसके बाद ब्राह्मणों को भोजन भी कराया गया। बताया गया कि पुलिस का एक एनजीओ ने भी सहयोग किया है। इस दौरान जो भी लोग थाना परिसर के आस पास से गुजरे सभी ने पुलिस की सराहना की और कहा कि पुलिस ने एक अच्छी इंसानियत का परिचय दिया है। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक का कहना है कि जब इस अज्ञात महिला के परिजनो का कोई पता नही चला तो हमने हिन्दू रीति रिवाज से महिला का अंतिम संस्सकार और उसके बाद त्रियोदशी संस्कार कराया।

लखनऊ। आगरा पुलिस का तब एक मानवीय चेहरा नजर आया जब थाने के सभी पुलिस कर्मियों ने आपस में पैसा जुटाकर एक अज्ञात दुष्कर्म पीड़िता की तेरहवीं की। दरअसल पुलिस को घायल अवस्था में एक मांसिक विक्षिप्त युवती मिली थी। जब पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया तो पता चला कि उसके साथ रेप हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी लेकिन उसकी शिनाख्त न हो सकी। पुलिस ने ही उसका अंतिम संस्कार किया था और फिर उसकी तेरहवीं भी की। यह मामला आगरा के थाना एत्माद्दौला की है। बताया गया कि पुलिस को यमुना ब्रिज स्टेशन के पास बीते 21 दिसंबर को घायल अवस्था में एक मांसिक विक्षिप्त युवती मिली थी। पुलिस द्वारा बताया गया कि आरोपी ने रेप के बाद युवती के सिर पर किसी भारी हथियार से वार कर दिया था जिसकी वजह से उसके सिर पर काफी गहरी चोट आयी थी। महिला को अस्पाताल में भर्ती करवाया गया लेकिन दो दिन बाद उसकी मौत हो गयी। 72 घंटे बीत जाने के बाद भी जब उसकी ​शिनाख्त नहीं हुई तो पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया था। वहीं पुलिस ने आरोपी एटा निवासी सुगड़ सिंह उर्फ सोड़ा को जेल भेज दिया था। अन्तिम संस्कार के बाद हिन्दू ​रीति रिवाज के अनुसार पुलिस ने शुक्रवार को तेरहवीं भी की, इस दौरान पहले हवन करवाया गया और उसके बाद ब्राह्मणों को भोजन भी कराया गया। बताया गया कि पुलिस का एक एनजीओ ने भी सहयोग किया है। इस दौरान जो भी लोग थाना परिसर के आस पास से गुजरे सभी ने पुलिस की सराहना की और कहा कि पुलिस ने एक अच्छी इंसानियत का परिचय दिया है। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक का कहना है कि जब इस अज्ञात महिला के परिजनो का कोई पता नही चला तो हमने हिन्दू रीति रिवाज से महिला का अंतिम संस्सकार और उसके बाद त्रियोदशी संस्कार कराया।