कार मैकेनिक से हेलीकॉप्टर ठीक कराना पड़ा महंगा

नई दिल्ली: मुंबई की एक विमानन कंपनी के अगस्ता 109 हेलीकाप्टर का पायलट अब हेलीकाप्टर नहीं उड़ा सकेगा। उसने कार के मैकेनिकों को हेलीकाप्टर के इंजन में कुछ गड़बड़ी ठीक करने की कथित तौर पर अनुमति दी जिस पर कंपनी ने यह कार्रवाई की। डीजीसीए सूत्रों ने कहा कि यह घटना 12 अक्टूबर की है। विमानन कंपनी वरवा एविएशन के चेयरमैन हेलीकाप्टर से गोवा से पुणो जा रहे थे और हेलीकाप्टर के इंजन में समस्या आ गई।




एक सूत्र ने कहा, उस पायलट को उड़ान के काम से हटा दिया है और घटना की जांच कर रहे हैं। विमान वीटी-वीसीए को 2012 में डीजीसीए के पास पंजीकृत किया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि उस पायलट ने किसी गड़बड़ी की सूचना दिए बगैर पारगमन निरीक्षण को मंजूरी दी। यह सूचना मिली कि कंपनी के चेयरमैन को कोल्हापुर के रास्ते गोवा से पुणो ले जा रहे अगस्ता 109 हेलीकाप्टर के इंजन की मरम्मत ‘‘कार के मैकेनिकों’ द्वारा किया गया।



अधिकारी ने यह भी कहा कि यद्यपि पायलट ने डीजीसीए को दी अपनी रिपोर्ट में ‘‘किसी गड़बड़ी’ की सूचना नहीं दी, ‘‘हमें संदेह है कि हेलीकाप्टर की मरम्मत करने के लिए कार मैकेनिकों को बुलाया गया जिसके बाद वह विमान उड़ने लायक बना विमानन सुरक्षा नियमों के तहत केवल योग्य विमान रखरखाव अभियंताओं को ही विमान या हेलीकाप्टर के इंजनों का निरीक्षण और मरम्मत करने की अनुमति है।