AIADMK से निष्कासित वीके शशिकला के पति एम नटराजन का निधन 

AIADMK से निष्कासित वीके शशिकला के पति एम नटराजन का निधन 
AIADMK से निष्कासित वीके शशिकला के पति एम नटराजन का निधन 
चेन्नई। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) से निष्कासित नेता वी.के.शशिकला के पति एम.नटराजन का मंगलवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। ग्लेनइगल्स ग्लोबल हेल्थ सिटी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, नटराजन ने रात 1.35 बजे दम तोड़ दिया। अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्हें जीवित रखने के हर संभव प्रयास किए गए। लेकिन हमारे अथक प्रयासों के बावजूद हम उन्हें बचा नहीं पाए। तमिलनाडु सरकार के…

चेन्नई। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) से निष्कासित नेता वी.के.शशिकला के पति एम.नटराजन का मंगलवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। ग्लेनइगल्स ग्लोबल हेल्थ सिटी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, नटराजन ने रात 1.35 बजे दम तोड़ दिया।

अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्हें जीवित रखने के हर संभव प्रयास किए गए। लेकिन हमारे अथक प्रयासों के बावजूद हम उन्हें बचा नहीं पाए। तमिलनाडु सरकार के पूर्व जन संपर्क अधिकारी नटराजन पिछले कुछ समय से बीमार थे।

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उन्हें छाती में संक्रमण की वजह से 16 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह वेंटिलेटर पर थे। पिछले साल उनका अंग प्रत्यर्पण किया गया था। उनके पार्थिव शरीर को तंजावुर जिले में उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा।

नटराजन तमिल पत्रिका ‘पुथिया परवई’ के संपादक भी थे। वह श्रीलंकाई तमिल मुद्दों के मुखर समर्थक थे। नटराजन 1980 के दशक में कुड्डालोर जिले में जन संपर्क अधिकारी थे, तब शशिकला एक वीडियो फिल्म पार्लर चलाती थी, जहां शादी समारोहों और अन्य सार्वजनिक समारोहों की वीडियो रिकॉर्डिग की जाती थी।

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शशिकला को कुडालोर में दिवंगत मुख्यमंत्री जे.जयललिता के कार्यक्रम की रिकॉर्डिग का अनुबंध मिला था। उस समय जयललिता अन्नाद्रमुक की प्रोपेगैंडा सचिव थीं। इसके बाद यह जोड़ा जयललिता का विश्वासपात्र बन गया। जयललिता, शशिकला को अपनी बहन की तरह मानती थीं।

हालांकि, जयललिता ने पोयस गार्डन स्थित अपने आवास से नटराजन को दूर रखा, जहां शशिकला भी रहती थीं। फिलहाल, शशिकला भ्रष्टाचार के मामले में बेंगलुरू की जेल में बंद हैं। वह पैरोल पर बाहर आ सकती हैं।

डीएमके नेता एम.के.स्टालिन ने नटराजन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह उनके निधन से स्तब्ध हैं। स्टालिन ने कहा कि नटराजन का द्रविड़ आंदोलन को लेकर गहरा लगाव था। एमडीएमके नेता वाइको ने शोक संदेश में कहा कि नटराजन हिंदी थोपे जाने के कट्टर विरोधी थे और उन्होंने 1965 में हिंदी विरोधी आंदोलन में हिस्सा भी लिया था।

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