6 घंटे में 42 दमकल गाडिय़ों ने एम्स में लगी आग पर पाया काबू, जानिए क्यों लगी थी आग

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नई दिल्ली। छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एम्स की बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। फायर ब्रिगेड के मुताबिक एसी कंप्रेसर के फटने की वजह से आग लगी थी।

Aiims Fire Doused After 6 Hours No Casualty Reported :

आग की वजह से कोई हताहत नहीं हुआ है। शनिवार शाम पांच बजे के आसपास इमरजेंसी वार्ड के करीब टीचिंग ब्लॉक में आग लग गई थी। तुरंत फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई थी। फायर ब्रिगेड की तुरंत काम पर लग गई जिसकी वजह से आग पर काबू पा लिया गया।

आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 42 गाडिय़ों को लगाया गया था। आग पर लगभग काबू पा लिया गया था लेकिन अचानक से आग फिर से भड़क गई जिसके बाद आग दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। एम्स देश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां देश के कोने कोने से मरीज इलाज करवाने आते हैं।

ऐसे हालात में यहां अनहोनी की बहुत बड़ी संभावना बनी रहती है। हालात पर खुद देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन नजर बनाए हुए थे। एम्स की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि जिन मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया था उन्हें आज शाम तक वापस अपने वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। बता दें किसी तरह के खतरे से बचने के लिए इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया गया था।

नई दिल्ली। छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एम्स की बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। फायर ब्रिगेड के मुताबिक एसी कंप्रेसर के फटने की वजह से आग लगी थी। आग की वजह से कोई हताहत नहीं हुआ है। शनिवार शाम पांच बजे के आसपास इमरजेंसी वार्ड के करीब टीचिंग ब्लॉक में आग लग गई थी। तुरंत फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई थी। फायर ब्रिगेड की तुरंत काम पर लग गई जिसकी वजह से आग पर काबू पा लिया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 42 गाडिय़ों को लगाया गया था। आग पर लगभग काबू पा लिया गया था लेकिन अचानक से आग फिर से भड़क गई जिसके बाद आग दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। एम्स देश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां देश के कोने कोने से मरीज इलाज करवाने आते हैं। ऐसे हालात में यहां अनहोनी की बहुत बड़ी संभावना बनी रहती है। हालात पर खुद देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन नजर बनाए हुए थे। एम्स की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि जिन मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया था उन्हें आज शाम तक वापस अपने वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। बता दें किसी तरह के खतरे से बचने के लिए इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया गया था।