वायुसेना चीफ का बयान, जब भी भारत में आतंकी हमला होता है तो पाकिस्तान को डरना चाहिए

Air Force Chief
वायुसेना चीफ का बयान, जब भी भारत में आतंकी हमला होता है तो पाकिस्तान को डरना चाहिए

वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने सोमवार को कहा कि जब भी भारतीय धरती पर आतंकी हमला होता है पाकिस्तान को डरना चाहिए और अगर वे इस चिंता से बाहर निकलना चाहता है तो उसे भारत के खिलाफ आतंकवाद को उकसाने से बाज आना चाहिए। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले आतंकी कैम्पों पर कार्रवाई की जरूरत होती है कि वायुसेना 24×7 इसके लिए तैयार है।

Air Force Chiefs Statement Pakistan Should Be Scared Whenever There Is A Terrorist Attack In India :

हंदवाड़ा हमले के बाद भारत की सीमा के पास आसमान में पाकिस्तान की तरफ से गतिविधियां तेज करने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में भदौरिया ने कहा, जब भी हमारी धरती पर आतंकी हमला होता है, पाकिस्तान को चिंता होनी चाहिए। अगर वे इस चिंता से बाहर निकलना चाहता है तो उसे भारत में आतंकवाद को उकसाने से रोकना होगा।

मई के पहले हफ्ते में कर्नल आशुतोष शर्मा और तीन अन्य सेना के जवान पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के साथ एनकाउंटर में शहीद हो गए थे। पाकिस्तान ने बालाकोट में आतंकी शिविरों पर हवाई हमले जैसी कार्रवाई की आशंका के मद्देनजर रात के वक्त भी फ्लाइंग एक्टिविटीज बढ़ा दी हैं। भारतीय वायुसेना ने पिछले साल 26 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह में जैश के आतंकी कैम्प पर मिसाइल से हमला कर आतंकी शिविर को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया था।

वायुसेना अध्यक्ष ने लद्दाख में चीन की तरफ से हुए अतिक्रमण पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ गतिविधियों को नोटिस किया गया है जो साधारण नहीं हो सकता था। जब भी कुछ ऐसी चीजें होती हैं हमें उस पर करीब से निगाह रखनी होती है और आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ती है। इन मुद्दों पर अनावश्यक चिंता का कोई कारण नहीं है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संकट के बीच चीन ने लद्दाख के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी नापाक हरकतें तेज कर दी हैं। सिक्किम सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद इस बार चीन ने लद्दाख के पास एलएसी पर हिमाकत दिखाई है। लद्दाख के एलएसी के पास चीनी हेलिकॉप्टरों को देखा गया है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने चीनी विमानों को जवाब देने के लिए लद्दाख में लड़ाकू विमानों की तैनाती कर दी है। दरअसल, यह घटना पिछले हफ्ते करीब उसी वक्त घटी, जब चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच नॉर्थ सिक्किम में टकराव हुआ था। इस टकराव में दोनों ओर के सैनिकों को हल्की चोटें आई थीं।

सरकारी सूत्रों ने बताया, ‘चीनी सैन्य हेलिकॉप्टर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के काफी करीब से उड़ान भर रहे थे। उनके विमानों की गतिविधि पता चलने के बाद भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान ने इलाके में गश्त लगाई। नाम न जाहिर होने की शर्त पर सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीनी हेलिकॉप्टरों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार करके भारतीय क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया। बता दें कि भारतीय वायुसेना अक्सर अपने सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमानों और अन्य विमानों के साथ लद्दाख के लेह हवाई अड्डे से उड़ान भरती है।

वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने सोमवार को कहा कि जब भी भारतीय धरती पर आतंकी हमला होता है पाकिस्तान को डरना चाहिए और अगर वे इस चिंता से बाहर निकलना चाहता है तो उसे भारत के खिलाफ आतंकवाद को उकसाने से बाज आना चाहिए। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले आतंकी कैम्पों पर कार्रवाई की जरूरत होती है कि वायुसेना 24x7 इसके लिए तैयार है। हंदवाड़ा हमले के बाद भारत की सीमा के पास आसमान में पाकिस्तान की तरफ से गतिविधियां तेज करने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में भदौरिया ने कहा, जब भी हमारी धरती पर आतंकी हमला होता है, पाकिस्तान को चिंता होनी चाहिए। अगर वे इस चिंता से बाहर निकलना चाहता है तो उसे भारत में आतंकवाद को उकसाने से रोकना होगा। मई के पहले हफ्ते में कर्नल आशुतोष शर्मा और तीन अन्य सेना के जवान पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के साथ एनकाउंटर में शहीद हो गए थे। पाकिस्तान ने बालाकोट में आतंकी शिविरों पर हवाई हमले जैसी कार्रवाई की आशंका के मद्देनजर रात के वक्त भी फ्लाइंग एक्टिविटीज बढ़ा दी हैं। भारतीय वायुसेना ने पिछले साल 26 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह में जैश के आतंकी कैम्प पर मिसाइल से हमला कर आतंकी शिविर को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया था। वायुसेना अध्यक्ष ने लद्दाख में चीन की तरफ से हुए अतिक्रमण पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ गतिविधियों को नोटिस किया गया है जो साधारण नहीं हो सकता था। जब भी कुछ ऐसी चीजें होती हैं हमें उस पर करीब से निगाह रखनी होती है और आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ती है। इन मुद्दों पर अनावश्यक चिंता का कोई कारण नहीं है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस संकट के बीच चीन ने लद्दाख के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी नापाक हरकतें तेज कर दी हैं। सिक्किम सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद इस बार चीन ने लद्दाख के पास एलएसी पर हिमाकत दिखाई है। लद्दाख के एलएसी के पास चीनी हेलिकॉप्टरों को देखा गया है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने चीनी विमानों को जवाब देने के लिए लद्दाख में लड़ाकू विमानों की तैनाती कर दी है। दरअसल, यह घटना पिछले हफ्ते करीब उसी वक्त घटी, जब चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच नॉर्थ सिक्किम में टकराव हुआ था। इस टकराव में दोनों ओर के सैनिकों को हल्की चोटें आई थीं। सरकारी सूत्रों ने बताया, 'चीनी सैन्य हेलिकॉप्टर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के काफी करीब से उड़ान भर रहे थे। उनके विमानों की गतिविधि पता चलने के बाद भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान ने इलाके में गश्त लगाई। नाम न जाहिर होने की शर्त पर सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीनी हेलिकॉप्टरों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार करके भारतीय क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया। बता दें कि भारतीय वायुसेना अक्सर अपने सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमानों और अन्य विमानों के साथ लद्दाख के लेह हवाई अड्डे से उड़ान भरती है।