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वायुसेना की बढ़ती ताकत, एंटी-रेडिएशन मिसाइल ‘रूद्रम’ का सफल परीक्षण

Air Forces Growing Strength Successful Test Of Anti Radiation Missile Rudram

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक बार फिर इतिहास रचा है। डीआरडीओ ने शुक्रवार को पूर्वी तट से सुखाई 30 लड़ाकू विमान से एंटी रेडिएशन मिसाइल ‘रुद्रम’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस मिसाइल को डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है। रूद्रम’ अपने तरह की एक अलग मिसाइल है। लड़ाकू विमानों मिराज 2000, जगुआर, तेजस और तेजस मार्क 2 को भी इस मिसाइल से लैस किया जा सकता है।

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इस मिसाइल की टेस्टिंग के बाद भारतीय वायु सेना की सामरिक क्षमता में और इजाफा हो गया है। दुश्मन की वायु रक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के उद्देश्य से बनाई गई यह मिसाइल अलग-अलग ऊंचाई वाली जगहों से दागी जा सकती है। डीआरडीओ ने आगे कहा, ‘इसमें अंतिम हमले के लिए पैसिव होमिंग हेड के साथ आईएनएस-जीपीएस नेविगेशन है।

‘रुद्रम’ ने रेडिएशन लक्ष्य को पिनपॉइंट सटीकता से मारा। पैसिव होमिंग हेड एक विस्तृत बैंड पर लक्ष्य का पता लगाने, वर्गीकृत करने और लक्ष्य को इंगेज करने (उलझाने) में सक्षम है।’ भारत में बनाई गई ये अपने आप की पहली मिसाइल है जिसे किसी भी ऊंचाई से दागा जा सकता है। मिसाइल किसी भी तरह के सिग्नल और रेडिएशन को पकड़ने में सक्षम है। साथ ही अपनी रडार में लाकर ये मिसाइल नष्ट कर सकती है। फिलहाल मिसाइल डेवलेपमेंट ट्रायल में जारी है।

 

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