सेना के पास होता राफेल तो बालाकोट के नतीजे कुछ और होते : IAF प्रमुख

bs dhanewa
सेना के पास होता राफेल तो बालाकोट के नतीजे कुछ और होते : IAF प्रमुख

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के प्रमुख बीएस धनेआ ने बालाकोट में किए गए एयरस्ट्राइक को लेकर एक बड़ी बात कही है। उन्होने कहा कि अगर वायुसेना के पास उस वक्त राफेल होती तो बालाकोट हवाई हमले का नतीजा भारत के पक्ष में कहीं ज्यादा होता। उन्होंने कहा कि बालाकोट अभियान के दौरान तकनीक हमारे पक्ष में थी।

Air Strikes Results Further If Rafale Jets Inducted On Time Says Iaf Chief :

बता दें कि भारतीय वायु सेना ने बीते 26 फरवरी को सुबह पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया था, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए थे। इस अभियान में मारे गए आतंकियों में जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई युसूफ अजहर भी शामिल था। बता दें कि पाकिस्तान के खिलाफ ये कार्रवाई पुलवामा में सीआरपीएफ दस्ते पर हुए हमले के बाद की गई थी।

वो नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांन्फ्रेंस में बोल रहे थे,’विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश ए मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है और फिदायीन जिहादियों को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसके चलते बालाकोट में सबसे बड़े आतंकी शिविर पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए गए।’

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के प्रमुख बीएस धनेआ ने बालाकोट में किए गए एयरस्ट्राइक को लेकर एक बड़ी बात कही है। उन्होने कहा कि अगर वायुसेना के पास उस वक्त राफेल होती तो बालाकोट हवाई हमले का नतीजा भारत के पक्ष में कहीं ज्यादा होता। उन्होंने कहा कि बालाकोट अभियान के दौरान तकनीक हमारे पक्ष में थी।

बता दें कि भारतीय वायु सेना ने बीते 26 फरवरी को सुबह पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया था, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए थे। इस अभियान में मारे गए आतंकियों में जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई युसूफ अजहर भी शामिल था। बता दें कि पाकिस्तान के खिलाफ ये कार्रवाई पुलवामा में सीआरपीएफ दस्ते पर हुए हमले के बाद की गई थी।

वो नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांन्फ्रेंस में बोल रहे थे,'विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश ए मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है और फिदायीन जिहादियों को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसके चलते बालाकोट में सबसे बड़े आतंकी शिविर पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए गए।'