अजित डोभाल ने अयोध्या फैसले के बाद शांति, सद्भाव बरकरार रखने के लिए यूपी को सराहा

ajeet
अजित डोभाल ने अयोध्या फैसले के बाद शांति, सद्भाव बरकरार रखने के लिए यूपी को सराहा

नई दिल्ली। अयोध्या फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने की सराहना हो रही है। ऐतिहासिक फैसले के बाद राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने उत्तर प्रदेश प्रशासन की प्रशांसा की है। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी को लिखे पत्र में अजित डोभाल ने कहा कि, अयोध्या फैसले के बाद यूपी में शांति व्यवस्था कायम रखने के प्रयासों की सराहना की है।

Ajit Doval Praised Up For Maintaining Peace Harmony After Ayodhya Verdict :

उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैं राज्य और केंद्र सरकार के सभी अंगों के साथ तालमेल बनाए रखने और शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करता हूं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि सरकार की सभी एजेंसियों और अंगों के संचयी प्रयासों से राज्य में घटना-मुक्त और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा।

बता दें कि, पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की एक पीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि 2.7 एकड़ में फैली पूरी विवादित भूमि को सरकार द्वारा गठित एक ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा, जो स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की निगरानी करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच परामर्श के बाद मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में एक प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी।

नई दिल्ली। अयोध्या फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने की सराहना हो रही है। ऐतिहासिक फैसले के बाद राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने उत्तर प्रदेश प्रशासन की प्रशांसा की है। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी को लिखे पत्र में अजित डोभाल ने कहा कि, अयोध्या फैसले के बाद यूपी में शांति व्यवस्था कायम रखने के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैं राज्य और केंद्र सरकार के सभी अंगों के साथ तालमेल बनाए रखने और शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करता हूं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि सरकार की सभी एजेंसियों और अंगों के संचयी प्रयासों से राज्य में घटना-मुक्त और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। बता दें कि, पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की एक पीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि 2.7 एकड़ में फैली पूरी विवादित भूमि को सरकार द्वारा गठित एक ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा, जो स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की निगरानी करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच परामर्श के बाद मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में एक प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी।