भारत-चीन विवाद के बीच अजीत डोभाल ने की समीक्षा बैठक, रक्षामंत्री भी कर सकते हैं हाईलेवल मीटिंग

    नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बढ़ता जा रहा है। चीन ने बीती रात घुसपैठ कराने की कोशिश की थी लेकिन भारतीय जवानों ने चीन के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। वहीं, इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शीर्ष अधिकारियों के साथ भातर-चीन की हालिया स्थिति की समीक्षा की है।

    Ajit Doval Reviews Review Meeting Between India China Dispute Defense Minister Can Also Hold High Level Meeting :

    बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी आज एक हाईलेवल मीटिंग बुला सकते हैं। एनएसए अजीत डोवाल ने अधिकारियों के साथ यह बैठक 29 और 30 की रात भारतीय सेना द्वारा लद्दाख में चुशुल के पास पैंगोंग त्सो के दक्षिणी तट के निकट भारतीय क्षेत्रों में घुसपैठ करने के चीनी सेना के प्रयास को विफल करने के बाद की है।

    सूत्रों की माने तो सेना के ब्रिगेड कमांडर की अपने चीनी समकक्ष के साथ चुंगुल/मोल्दो में पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर स्थिति को लेकर वार्ता जारी है। सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने सोमवार को एक बयान में कहा, “पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान पीएलए के सैनिकों ने सैन्य और राजनयिक व्यस्तताओं के दौरान पूर्व की आम सहमति का उल्लंघन किया और उकसाने वाले सैन्य गतिविधियों के अंजाम दिए।”

    नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बढ़ता जा रहा है। चीन ने बीती रात घुसपैठ कराने की कोशिश की थी लेकिन भारतीय जवानों ने चीन के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। वहीं, इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शीर्ष अधिकारियों के साथ भातर-चीन की हालिया स्थिति की समीक्षा की है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी आज एक हाईलेवल मीटिंग बुला सकते हैं। एनएसए अजीत डोवाल ने अधिकारियों के साथ यह बैठक 29 और 30 की रात भारतीय सेना द्वारा लद्दाख में चुशुल के पास पैंगोंग त्सो के दक्षिणी तट के निकट भारतीय क्षेत्रों में घुसपैठ करने के चीनी सेना के प्रयास को विफल करने के बाद की है। सूत्रों की माने तो सेना के ब्रिगेड कमांडर की अपने चीनी समकक्ष के साथ चुंगुल/मोल्दो में पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर स्थिति को लेकर वार्ता जारी है। सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने सोमवार को एक बयान में कहा, "पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान पीएलए के सैनिकों ने सैन्य और राजनयिक व्यस्तताओं के दौरान पूर्व की आम सहमति का उल्लंघन किया और उकसाने वाले सैन्य गतिविधियों के अंजाम दिए।"