अजमेर दरगाह के दीवान बोले- गोहत्या पर पूरे देश में बने सख्त कानून

अजमेर। यूपी में बीजेपी सरकार बनते ही प्रदेश में चल रहे अवैध बूचड़खानों को सील करने का फैसला लिया और इस फैसले के कुछ दिन बाद ही गुजरात सरकार ने गोहत्या करने वाले के लिए उम्रक़ैद का कानून बनाया है। गोहत्या पर तबातोड़ दो राज्यों के इस फैसले ने नया राजनीतिक भूचाल ला दिया है जिसके बाद से देश भर से लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। अब इसी मसले पर अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बीफ को लेकर देश में दो समुदायों के बीच पनप रहे वैमनस्य को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार को देशभर में गोवंश की सभी प्रजातियों के वध करने एवं इनका मांस बेचने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए तथा मुस्लमानों को भी इनके वध से खुद को दूर रहकर इसके मांस के सेवन को त्यागने की पहल करनी चाहिए।




गरीब नवाज के 805वें उर्स के मौके पर सैयद जैनुल ने कहा कि उनके पूर्वज ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती ने इस देश की संस्कृति को इस्लाम के नियमों के साथ अपना कर मुल्क में अमन शान्ति और मानव सेवा के लिये जीवन समर्पित किया था। उसी तहजीब को बचाने के लिए गरीब नवाज के 805वें उर्स के मौके पर मैं और मेरा परिवार बीफ के सेवन को त्यागने की घोषणा करता हूं और हिन्दोस्तान के मुसलमानों से यह अपील करता हूं कि देश में सदभावना के पुन:स्थापन के लिए वह भी इस त्याग को अपना कर मिसाल पेश करें।



सैयद जैनुल ने कहा कि गाय सिर्फ एक जानवर नहीं है बल्कि हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। गाय और उसके वंश को बचाना चाहिए। साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। सैयद जैनुल ने कहा- जिन राज्यों में कानूनन गौहत्या की जाती है वह सरासर गलत है। ऐसा बंद होना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने गोहत्या पर उम्रकैद वाले गुजरात सरकार के फैसले की भी तारीफ की।

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