एशियाई चैंपियनशिप: बजरंग ने जीता गोल्ड, प्रवीण को सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष

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एशियाई चैंपियनशिप: बजरंग ने जीता गोल्ड, प्रवीण को सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष

नई दिल्ली। विश्व में नंबर एक बजरंग पूनिया ने मंगलवार को यहां गोल्ड मेडल मुकाबले में लगातार दस अंक बनाकर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप का अपना खिताब बरकरार रखा जबकि प्रवीण राणा को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। भारत ने पहले दिन कुल तीन पदक जीते।

Ajrang Reclaims Gold At Asian Wrestling Cship With Tough Win In Final :

राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के चैम्पियन बजरंग एक समय 2-7 से पीछे चल रहे थे। तब केवल 60 सेकेंड का मुकाबला बचा था, लेकिन इस भारतीय ने तीन बार धारंदाज तकनीक (प्रतिद्वंद्वी को पीछे से पकड़कर पटकना) और एक अन्य तकनीक से अंक बनाकर अपनी जीत सुनिश्चित की।

कजाख का पहलवान काफी थका हुआ नजर आ रहा था, जबकि बजरंग ने दबाव में भी अच्छा दमखम और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। बजरंग का इस चैम्पियनशिप में यह दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2017 में भी खिताब जीता था. इस टूर्नामेंट में यह कुल मिलाकर उनका पांचवां पदक है।

इस प्रदर्शन से बजरंग ने फिर से अपने प्रतिद्वंद्वियों तक संदेश भिजवा दिया है कि वह 2020 टोक्यो ओलंपिक में पदक के प्रबल दावेदार हैं। बजरंग के गुरु और ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी उम्मीद व्यक्त की कि उनका शिष्य टोक्यो में पदक जीतने में सफल रहेगा।

बजरंग के गुरु और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी उम्मीद व्यक्त की कि उनका शिष्य तोक्यो में पदक जीतने में सफल रहेगा। योगेश्वर ने बजरंग की जीत के तुरंत बाद ट्वीट किया, ‘एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर आपको ढेरों शुभकामनायें बजरंग बेटा। 2017 के बाद ये आपका दूसरा स्वर्ण है। हम सब को गर्व है आप पर, इसी तरह आगे बढ़ते रहें और #तोक्यो2020 में भी देश का ध्वज ऊंचा करें। ’

नई दिल्ली। विश्व में नंबर एक बजरंग पूनिया ने मंगलवार को यहां गोल्ड मेडल मुकाबले में लगातार दस अंक बनाकर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप का अपना खिताब बरकरार रखा जबकि प्रवीण राणा को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। भारत ने पहले दिन कुल तीन पदक जीते। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के चैम्पियन बजरंग एक समय 2-7 से पीछे चल रहे थे। तब केवल 60 सेकेंड का मुकाबला बचा था, लेकिन इस भारतीय ने तीन बार धारंदाज तकनीक (प्रतिद्वंद्वी को पीछे से पकड़कर पटकना) और एक अन्य तकनीक से अंक बनाकर अपनी जीत सुनिश्चित की। कजाख का पहलवान काफी थका हुआ नजर आ रहा था, जबकि बजरंग ने दबाव में भी अच्छा दमखम और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। बजरंग का इस चैम्पियनशिप में यह दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2017 में भी खिताब जीता था. इस टूर्नामेंट में यह कुल मिलाकर उनका पांचवां पदक है। इस प्रदर्शन से बजरंग ने फिर से अपने प्रतिद्वंद्वियों तक संदेश भिजवा दिया है कि वह 2020 टोक्यो ओलंपिक में पदक के प्रबल दावेदार हैं। बजरंग के गुरु और ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी उम्मीद व्यक्त की कि उनका शिष्य टोक्यो में पदक जीतने में सफल रहेगा। बजरंग के गुरु और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी उम्मीद व्यक्त की कि उनका शिष्य तोक्यो में पदक जीतने में सफल रहेगा। योगेश्वर ने बजरंग की जीत के तुरंत बाद ट्वीट किया, ‘एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर आपको ढेरों शुभकामनायें बजरंग बेटा। 2017 के बाद ये आपका दूसरा स्वर्ण है। हम सब को गर्व है आप पर, इसी तरह आगे बढ़ते रहें और #तोक्यो2020 में भी देश का ध्वज ऊंचा करें। ’