मुलायम फिर अखिलेश से नाराज

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव आजकल अपने बेटे व प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से खफा चला रहे हैं। हालांकि मुलायम सिंह यादव इस बात से इनकार करते हैं लेकिन फिर भी गाहे-बगाहे दिख ही जाता है। एक बार फिर मुलायम सिंह की अखिलेश यादव पर नाराजगी देखने को मिली है। मौक़ा था मुख्यमंत्री के नए कार्यालय के उद्घाटन का। जहाँ अखिलेश यादव तय समय से मात्र दो मिनट लेट पहुंचे कि नेताजी का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने न केवल उदघाटन समारोह का फीता काटने से मना कर दिया बल्कि गुस्से से कैंची को भी फेंक दिया।




नेता और बेटे अखिलेश दोनों के बीच बात सुलझने की बजाए बिगड़ती नजर आ रही है। यह नाराजगी शिवपाल को लेकर दोनों में चल रही है। खैर आपको बता दें कि नए मुख्यमंत्री कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान अखिलेश यादव दो मिनट देरी से पहुंचे तो नेताजी उनपर भड़क गये। नेताजी इतना ज्यादा नाराज हो गए कि आजम खान जैसे कई नेताओं को मनाने में पसीना आ गया लेकिन तब भी नेताजी शांत नहीं हुए।

दरअसल बात ये है कि अखिलेश के दफ्तर का उदघाटन करने नेताजी यानी मुलायम सिंह जब वहां पहुंचे तो अखिलेश वहां नहीं थे। उनके पूछने पर बताया गया की अभी वे आए नहीं है। बस फिर क्या था नेताजी का पारा चढ गया। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने मुलायम को शांत रहने को कहा लेकिन वे नहीं माने इतने में अखिलेश वहां पहुंच गये। मौके पर पहुंचते ही पुत्र ने पिता के पैर छुए। लोगों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। लेकिन नेताजी ठहरे नेताजी। वो भला कैसे मानते शायद शान में गुस्ताखी मान बैठे थे। आजम ने कैची थमाई कि चलिए फीता काटिए लेकिन मुलायम तो थे गुस्सा। कैची हाथ में लेकर वापस थाली में डाल दी। आजम ने उन्हे फिर कैची थमाई फिर भी नेताजी नहीं माने। कैंची फिर से थाली में। जब पंडित जी वहां पहुंचे और शायद ये कहा कि मुहुर्त निकला जा रहा है तब जाकर नेताजी ने फीता काटा।

यूपी के सीएम के दफ्तर का उदघाटन तो हो गया लेकिन पांच मिनट तक जो कुछ चला है उसने पिता-पुत्र की लड़ाई को फिर से सबके सामने ला दिया है। अखिलेश अपने पिता का घर छोड़ इसी हफ्ते अपनी पत्नी के साथ नए बंगले में रहने जा रहे हैं। अभी तक सब साथ में रहते थे। कहा जा रहा है कि शिवपाल को लेकर दोनों में ठीक से बात भी नहीं हो रही।

अभिलाष गुप्ता की रिपोर्ट