अखिलेश ने पार्टी संगठन को चुस्त-दुरूस्त करने को कमर कसी

लखनऊ: विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त की समीक्षा करने के बाद अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 6 अप्रैल से पार्टी संगठन को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए ताबड़तोड़ बैठकें शुरू करेंगे। इन बैठकों में जिला/महानगर अध्यक्षों, राज्य कार्यकारिणी व युवा फ्रंटल संगठनों के साथ ही पार्टी के अन्य अनुषांगिक प्रकोष्ठों के नेता शामिल होंगे। इन बैठकों के लिए पार्टी ने पूर्व कार्यक्रमों में मंगलवार को बदलाव भी किया है। सपा ने 14 अप्रैल को डा. अम्बेडकर जयंती भी मनाने का निर्णय लिया है।




विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली पराजय के कारणों को समझने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बीते करीब 15 दिनों से लगातार विभिन्न जिलों के हारे प्रत्याशियों व वहां के जिम्मेदार नेताओं के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं। मंगलवार को करीब समीक्षा का यह दौर खत्म हो गया। इसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष श्री यादव ने संगठन को चुस्त-दुरूस्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी की है। यह कवायद इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आगामी 15 अप्रैल से पूरे देश में पार्टी का सदस्यता अभियान भी शुरू होंना है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के मुताबिक सपा अध्यक्ष श्री यादव आगामी 6 अप्रैल को जिला/महानगर अध्यक्षों और पार्टी की राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

इसमें विधानसभा चुनावों को लेकर र्चचा करने के साथ ही आगामी पार्टी सदस्यता अभियान पर रणनीति बनेगी। श्री उत्तम ने बताया कि पार्टी के चारों युवा फ्रंटल संगठनों के जिले से लेकर राज्य कार्यकारिणी तक के सभी पदाधिकारियों की बैठक अब 11 अप्रैल को होगी। पहले यह बैठक 7 अप्रैल को होनी थी। आगामी 9 अप्रैल को सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष व राज्य कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक होगी। सपा शिक्षक सभा, सपा सैनिक प्रकोष्ठ, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ और समाजवादी अधिवक्ता सभा की बैठक 10 अप्रैल को होगी। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्री उत्तम ने बताया कि समाजवादी अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ, समाजवादी मजदूर सभा की बैठक 12 अप्रैल, समाजवादी व्यापार सभा और समाजवादी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्षों से लेकर राज्य कार्यकारिणी सदस्यों तक की बैठक 13 अप्रैल को होगी।



सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि पार्टी की इन सभी बैठकों में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे। उनके दिशा-निर्देश के अनुरूप भी ही पार्टी के सभी प्रकोष्ठों के नेता व पदाधिकारी भविष्य में पार्टी को मजबूत करने में जुटेंगे।