अखिलेश बोले- सरकार बताए 20 लाख करोड़ के तथाकथित ‘महापैकेज’ में किसके लिए कितना है…

akhilesh yadav
अखिलेश यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि, कहा-अपराधियों को पकड़कर वर्तमान सत्ता का भंडाफोड़ होना चाहिए

लखनऊ: कोरोनावायरस लॉकडाउन को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हमलावर रुख अख्तियार करने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को एक बार फिर केंद्र से आर्थिक पैकेज को लेकर सवाल पूछा है. सपा अध्यक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज के ऐलान किए जाने पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने आज को अपने ट्वीट में लिखा, ‘सरकार बस इतना बता दे कि 20 लाख करोड़ के तथाकथित ‘महापैकेज’ में कितना ग़रीब के लिए है कितना किसान, दिहाड़ी-प्रवासी मज़दूर, छोटे व्यापारी, खुदरा कारोबारी, रेड़ी-ठेले-पटरीवाले व अन्य मजबूरों के लिए है. समाज को बाँटने मे माहिर लोग कृपया करके इस आर्थिक बँटवारे का हिसाब भी दे दें. ‘

Akhilesh Said Government Should Tell How Much For The So Called Mahapakage Of 20 Lakh Crore :

अखिलेश यादव लॉकडॉउन के चलते बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों की हालत, चीन और नेपाल के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर भी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहे हैं.हाल ही में अखिलेश यादव ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने कोरोना संकट का पहले ताली और थाली बजाकर फायदा उठाने की कोशिश की लेकिन बाद में इन्हें लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि BJP को गरीबों की संवेदना के बारे में समझना चाहिए. बिना किसी तैयारी की वजह से लॉकडाउन ने गरीबों का बहुत नुकसान किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके की तस्वीरें हमने लॉकडाउन के दौरान देखी, ऐसा कभी नहीं देखा गया था. लोग पैदल, अपना सामान और परिवार लिए सैकड़ों मीलों का सफर तय कर रहे थे. कई गरीबों की रास्ते में ही मौत हो गई.

लखनऊ: कोरोनावायरस लॉकडाउन को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हमलावर रुख अख्तियार करने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को एक बार फिर केंद्र से आर्थिक पैकेज को लेकर सवाल पूछा है. सपा अध्यक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज के ऐलान किए जाने पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने आज को अपने ट्वीट में लिखा, 'सरकार बस इतना बता दे कि 20 लाख करोड़ के तथाकथित ‘महापैकेज' में कितना ग़रीब के लिए है कितना किसान, दिहाड़ी-प्रवासी मज़दूर, छोटे व्यापारी, खुदरा कारोबारी, रेड़ी-ठेले-पटरीवाले व अन्य मजबूरों के लिए है. समाज को बाँटने मे माहिर लोग कृपया करके इस आर्थिक बँटवारे का हिसाब भी दे दें. ' अखिलेश यादव लॉकडॉउन के चलते बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों की हालत, चीन और नेपाल के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर भी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहे हैं.हाल ही में अखिलेश यादव ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने कोरोना संकट का पहले ताली और थाली बजाकर फायदा उठाने की कोशिश की लेकिन बाद में इन्हें लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि BJP को गरीबों की संवेदना के बारे में समझना चाहिए. बिना किसी तैयारी की वजह से लॉकडाउन ने गरीबों का बहुत नुकसान किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके की तस्वीरें हमने लॉकडाउन के दौरान देखी, ऐसा कभी नहीं देखा गया था. लोग पैदल, अपना सामान और परिवार लिए सैकड़ों मीलों का सफर तय कर रहे थे. कई गरीबों की रास्ते में ही मौत हो गई.