अखिलेश सिंह के भतीजे थामेंगे कांग्रेस का हाथ, आदिति सिंह का मोहभंग होता देख पार्टी ने की सेंधमारी

manish singh
अखिलेश सिंह के भतीजे थामेंगे कांग्रेस का हाथ, आदिति सिंह का मोहभंग होता देख पार्टी ने की सेंधमारी

रायबरेली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रियंका गांधी जुटी हुई हैं। सबसे पहले वह कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से इसकी शुरूआत करेंगी। इसको लेकर पार्टी के अंदर तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं, चर्चा है कि इस बीच कांग्रेस को बढ़ा झटका लग सकता है। रायबरेली की सदर विधायक अदिति सिंह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं। पार्टी से अदिति सिंह का मोहभंग होता देख कांग्रेस ने उनका विकल्प तैयार करना शुरू कर दिया है।

Akhilesh Singhs Nephew Will Join Congress Party :

ऐसे में उनकी भरपाई के लिए कांग्रेस ने उनके घर में सेंध लगाई है। अखिलेश सिंह के भतीजे और अदिति सिंह के चचेरे भाई मनीष सिंह बुधवार को कांग्रेस का दामन थामेंगे। बताया जा रहा है कि, मनीष सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद कांग्रेस उनको विधानसभा चुनाव में टिकट भी दे सकती है।

बता दें कि, मनीष सिंह 2017 में बसपा से रायबरेली के हरचंद्रपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी राकेश सिंह के हाथों हार गए थे। रायबरेली के बदलते सियासी माहौल को देखते हुए मनीष सिंह बसपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी कर रहे हैं। मनीष सिंह को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रायबरेली में पार्टी की सदस्यता दिलाएंगी।

मनीष सिंह ने कहा है कि, वह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता लेंगे। गौतरलब है कि, लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई नेता एक के बाद एक बीजेपी में शामिल हो गए थे। रायबरेली से एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे और लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी के खिलाफ मैदान में उतरे थे।

साथ ही दिनेश प्रताप सिंह के भाई राकेश सिंह जो हरचंद्रपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं उन्होंने पार्टी से किनारा कर लिया था। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह भी कांग्रेस छोड़ दी थी।

रायबरेली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रियंका गांधी जुटी हुई हैं। सबसे पहले वह कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से इसकी शुरूआत करेंगी। इसको लेकर पार्टी के अंदर तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं, चर्चा है कि इस बीच कांग्रेस को बढ़ा झटका लग सकता है। रायबरेली की सदर विधायक अदिति सिंह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं। पार्टी से अदिति सिंह का मोहभंग होता देख कांग्रेस ने उनका विकल्प तैयार करना शुरू कर दिया है। ऐसे में उनकी भरपाई के लिए कांग्रेस ने उनके घर में सेंध लगाई है। अखिलेश सिंह के भतीजे और अदिति सिंह के चचेरे भाई मनीष सिंह बुधवार को कांग्रेस का दामन थामेंगे। बताया जा रहा है कि, मनीष सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद कांग्रेस उनको विधानसभा चुनाव में टिकट भी दे सकती है। बता दें कि, मनीष सिंह 2017 में बसपा से रायबरेली के हरचंद्रपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी राकेश सिंह के हाथों हार गए थे। रायबरेली के बदलते सियासी माहौल को देखते हुए मनीष सिंह बसपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी कर रहे हैं। मनीष सिंह को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रायबरेली में पार्टी की सदस्यता दिलाएंगी। मनीष सिंह ने कहा है कि, वह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता लेंगे। गौतरलब है कि, लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई नेता एक के बाद एक बीजेपी में शामिल हो गए थे। रायबरेली से एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे और लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी के खिलाफ मैदान में उतरे थे। साथ ही दिनेश प्रताप सिंह के भाई राकेश सिंह जो हरचंद्रपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं उन्होंने पार्टी से किनारा कर लिया था। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह भी कांग्रेस छोड़ दी थी।