काम या जुमला, जनता तय करेगी : अखिलेश यादव

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 2017 के विधानसभा चुनावों की नजाकत को भली- भाति समझ रहे है, शायद इसलिए वह किसी भी मौके पर विपक्षियों पर हमलावर होने का मौका हाथ से जाने नहीं दे रहे हैं। सोमवार को सीएम ने अपने नए कार्यालय लोकभवन में यश भारती सम्मान और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कारों के लिए रखे कार्यक्रम में केन्द्र की सत्तारूढ़ बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका नहीं छोड़ा।




सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने ‘अच्छे दिनों’ का वादा तो किया था, पर अभी तक हमने तो नहीं देखे ‘अच्छे दिन’ और न ही जनता ने देखे होंगे। जनता सब समझ रही है और इस चुनाव में जनता सबक सीखा देगी। जनता ही अब तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत? काम करने वाले लोग सही है या जुमले वाले। समाजवादी सरकार ने हमेशा ही जनहित के लिए कार्य किया है और आने वाले समय में यह कार्य और तेजी से होता रहेगा।




हमने तेजी से विकास किया है …

यश भारती और रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से लोगों को सम्मानित करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि अपना प्रदेश बड़ा है, यहां बहुत से प्रतिभाशाली लोग भी है जिसको हम बढ़ावा दे रहे हैं। जिससे की वे देश दुनिया में उत्तर प्रदेश का परचम लहराएं।

उन्होंने बताया कि यश भारती की शुरुआत नेताजी ने की थी, हम अब भी टैलेंट को ढूंढ रहे हैं। बिना आधी आबादी के देश की तरक्की संभव नहीं है और देश की आधी आबादी यूपी मे बसती है। समाज के हर तबके के लिए हमारी सरकार ने काम किया है चाहे वो शिक्षा हो, रोजगार हो या फिर महिला सम्मान।




इससे पूर्व में भी किया गया है सम्मानित

इस मौके पर अखिलेश यादव ने 403 लोगों को सम्मानित किया, जिसमे 88 लोगों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार दिया गया। वहीं 315 ग्राम प्रधानों को वीरता अवार्ड से सम्मानित किया गया और सात विभूतियों को यश भारती सम्मान दिया गया, जिसमें देवेंद्र कुमार, आनंदेश्वर पांडेय, राम सिंह यादव, ब्रायन साइल्स, गौरी खन्ना, रिचा जोशी और वाशी खान जैसे नाम शामिल थे। इससे पहले भी लोगों को इस सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है इस वर्ष अखिलेश यादव सरकार ने 83 लोगों को यश भारती अवॉर्ड से सम्‍मानित किया। इससे पूर्व 2015-16 में भी 44 लोगों को यश भारती सम्मान दिया जा चुका है।