गुजरात में फटा स्टीकर निकले अखिलेश यादव

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश के बाद जिस राज्य का दौरा किया वहां उन्होंने अपने गुजरात मॉडल की चर्चा जरूर की। ऐसा ही कुछ यूपी में भी हुआ था। नरेन्द्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान इटावा में सीएम अखिलेश यादव द्वारा बनवाई लायन सफारी में गुजरात से आए शेरों की चर्चा की थी। जिसे लेकर लंबे समय तक प्रतिक्रियाओं का दौर चला था। आज यूपी के सियासी हालात बदल चुके हैं। यहां भाजपा की सरकार है और अखिलेश यादव के नाम के आगे पूर्व मुख्यमंत्री लग चुका है, लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि अखिलेश यादव गुजरात की राजनीति को गरम करने में लगे हैं। जिसकी वजह के बनी है गुजरात के एक स्कूल में बच्चों को बांटे गए स्कूल बैग्स पर सामने आई अखिलेश यादव की तस्वीर।
school bags




दरअसल मामला है गुजरात के आदिवासी बाहुल्य जिले छोटा उदयपुर का। जहां जिला पंचायत की ओर से स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बच्चों को जिला पंचायत की ओर से स्कूल बैग्स बांटे गए। इन स्कूल बैग्स पर एक स्टीकर लगा था जिस पर जिला पंचायत का नाम और शैक्षणिक वर्ष 2017—18 लिखा था।




इन स्कूल बैग्स पर लगा यह स्टीकर कुछ अजीब सा नजर आया। जिसे उत्सुकता पूर्वक एक युवक ने हटा दिया। ​स्टीकर के फटते ही अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ खूब पढ़ो खूब बढ़ो का स्लोगन नजर आने लगा। अखिलेश यादव की तस्वीर सामने आते ही स्पष्ट हो गया कि यह बैग वही थे जो अखिलेश सरकार ने यूपी के स्कूलों बांटने के लिए बनवाए थे।

अब सवाल उठता है कि यूपी सरकार के आर्डर पर बने स्कूल बैग्स गुजरात कैसे पहुंच गए? क्या ये यूपी सरकार द्वारा भेजे गए थे या फिर इन बैग्स की सप्लाई करने वाली फर्म ने ही यूपी सरकार के आर्डर से बचे हुए बैग्स स्टीकर लगाकर गुजरात सप्लाई कर दिया?

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फिलहाल गुजरात सरकार के शिक्षामंत्री भूपेन्द्र सिंह ने इस लापरवाही की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही है। वहीं उदयपुर जिले के शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया है कि बांटे गए 12000 बैग्स की सप्लाई के लिए ई टें​डरिंग की व्यवस्था प्रयोग में लाई गई थी। जिसका टेंडर सूरत की एक फर्म को मिला था।




आपको बता दें कि इन बैग्स की चर्चा इससे पूर्व यूपी में भी उस समय हुई थी जब यूपी सरकार की ओर से इन बैग्स को बांटे जाने का निर्णय लिया गया था। उस समय भी यह सवाल उठा था कि यूपी के नए सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अखिलेश यादव के फोटो वाले स्कूल बैग्स कैसे बांटे जा सकते हैं। हालांकि इस विषय पर योगी सरकार की ओर से राजस्व का हवाला देते हुए मौजूदा स्टॉक को छात्रों में बांटे जाने को कहा गया था।

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