माया ने राजा भैया पर जताई नाराजगी, अखिलेश ने तुरंत डिलीट किया ट्वीट

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माया ने राजा भैया पर जताई नाराजगी, अखिलेश ने तुरंत डिलीट किया ट्वीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव हारने के बाद सपा-बसपा की दोस्ती पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सुप्रीमो मायावती ने कहा, "चुनाव में क्यों न मेरा प्रत्याशी हार गया हो लेकिन इसका असर दोनों के रिश्तों पर नहीं आने देंगे। विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा सपा-बसपा में हुए गठबंधन में फूट डालने के लिए ही बाजपा ने चुनावी मैदान में अपने अन्य उम्मेदवारों को भी उतारा लेकिन इससे हमारे…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव हारने के बाद सपा-बसपा की दोस्ती पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सुप्रीमो मायावती ने कहा, “चुनाव में क्यों न मेरा प्रत्याशी हार गया हो लेकिन इसका असर दोनों के रिश्तों पर नहीं आने देंगे। विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा सपा-बसपा में हुए गठबंधन में फूट डालने के लिए ही बाजपा ने चुनावी मैदान में अपने अन्य उम्मेदवारों को भी उतारा लेकिन इससे हमारे रिश्ते और मजबूत हो गए हैं और जिसका परिणाम अब भाजपा को 2019 में होने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा।” वहीं माया ने सपा अध्यक्ष अखिलेश और राजा भैया के साथ पर भी नाराजगी जाहिर की, जिसके तुरंत बाद अखिलेश ने पहले राजा भैया को धन्यवाद वाला ट्वीट हटाया और फिर बसपा अध्यक्ष मायावती को धन्यवाद देते हुए ट्वीट किया।

2019 में हो सकता है महागठबंधन

मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संकेत देते हुए कि 2019 में यह गठबंधन महागठबंधन में परिवर्तित हो सकता है, यानि 2019 में काँग्रेस भी इस गठबंधन में शामिल हो सकती है। उन्होने कहा काँग्रेस से हमारे अच्छे ताल्लुक हैं और हम केंद्र में हम उन्हे बिना किसी शर्त के समर्थन करते हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए मायावती ने कहा कि काँग्रेस के सभी विधायकों ने हमें समर्थन दिया।

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राजा भैया के मकड़जाल में फंसे कम तजुर्बेकार अखिलेश

सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि अभी अखिलेश में अनुभव की नहीं है और इसका फायदा भाजपा उठा रही है। अगर अखिलेश में अनुभव की कमी न होती तो भाजपा को आसानी से राज्यसभा चुनाव में मात दिया जा सकता था। आगे उन्होने राजा भैया पर तंज कसते हुए कहा, ‘अखिलेश यादव तो राजा भैया के जाल में फंस गए। मैं उनकी जगह होती तो भले मेरा उम्मीदवार हार जाता लेकिन उनके उम्मीदवार को हारने नहीं देती। यह उनके अनुभव की कमी है लेकिन मैं उनसे अनुभवी हूँ इसलिए इस गठबंधन को टूटने नहीं दूंगी।’ इस बयान के तुरंत बाद ट्विटर से अखिलेश का वह ट्वीट हटा लिया गया, जिसमें उन्होंने मतदान के बाद राजा भैया को समर्थन के लिए धन्यवाद कहा है। उन्होने कहा अगर उनमें अनुभव की कमी न होती तो वे कभी भी राजा भैया के मकड़जाल में नहीं फसते जिसे कल्याण सिंह ने खुद कुंडा का गुंडा कहा था।

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