सपा ने अखिलेश को फिर चुना राष्ट्रीय अध्यक्ष, नहीं पहुंचे मुलायम और शिवपाल

सपा ने अखिलेश को फिर चुना राष्ट्रीय अध्यक्ष, नहीं पहुंचे मुलायम और शिवपाल

आगरा। समाजवादी पार्टी के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद महासचिव रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव को दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव के इस अधिवेशन में शामिल न होने के बाद यादव परिवार की अंदरूनी कलह के अंत को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर एक बार फिर विराम लग गया है। उम्मीद की जा रही थी कि इस अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव शामिल होकर पार्टी कार्यकर्ताओं को परिवार के एक होने का न सिर्फ संदेश देंगे बल्कि नेता जी इस मौके पर बेटे ​अखिलेश और भाई शिवपाल के बीच के झगड़े को खत्म करवाकर पार्टी में नई जान फूंकने का काम करेंगे।

1 जनवरी 2017 अखिलेश यादव ने नाटकीय ढंग से ​पिता मुलायम सिंह यादव को हटाकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर कब्जा किया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के औंधे मुंह गिरने के बाद यादव परिवार के ही कई सदस्य अखिलेश के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे थे। मुलायम को दोबारा पार्टी की कमान सौंपे जाने की मांग परिवार से ही उठती रही, लेकिन अखिलेश यादव ने इस बीच एक मंझे हुए नेता की तरह पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को बुलाकर न सिर्फ दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद हासिल किया बल्कि पार्टी के संविधान में फेर बदल करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल को तीन साल से बढ़ाकर पांच साल का भी कर दिया है।

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अपने नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को अखिलेश यादव आगरा में राष्ट्रीय अधिवेशन के मंच से करारा जवाब देते नजर आएंगे। सपा के नेतृत्व पर अपना वार्चस्व कायम रखने के साथ ही अखिलेश की अगली चुनौती 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के खिलाफ स्वयं को मुख्य प्रतिद्वंदी के रूप में खुद को स्थापित करने की होगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल करने के पीछे अखिलेश यादव की मंशा से स्पष्ट है कि वह 2022 के विधानसभा चुनाव तक पार्टी में अपने से ऊपर किसी को देखना नहीं चाहते हैं।

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