नेता जी ने पार्टी से निकाला तो नई पार्टी बनाऊंगा: अखिलेश यादव

लखनऊ। देश का सबसे ताकतवर सियासी कुनबा आखिकार बिखराव की दहलीज पर जा खड़ा हुआ है। रविवार को सीएम अखिलेश यादव ने पार्टी के विधायकों से बैठक करने के बाद अपने चाचा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करते हुए उनके गुट के 7 मंत्रियों को भी कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने पार्टी के महा​सचिव अमर सिंह की खिलाफत करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना होगा। इस लड़ाई में अगर नेता जी यानी उनके पिता और पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव उन्हें पार्टी से निकाल भी देते हैं तो वे अपनी नई पार्टी बनाकर यूपी के विधानसभा चुनावों में जाएंगे।




मिली जानकारी के मुताबिक विधायकों की बैठक ले रहे अखिलेश यादव ने स्वयं के पार्टी छोड़ने की खबरों पर विराम लगाते हुए कहा​ कि वह अपने पिता के लिए कोई भी त्याग करने को तैयार है। लेकिन नेता जी के कान भरने वालों को पार्टी से बाहर निकाले बिना नहीं मानेगे। वह स्वयं पार्टी नहीं छोडेगे। वह रथ यात्रा भी निकालेंगे और पार्टी के स्वर्ण जयन्ती समारोह में भी जाएगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने पिता के जन्मदिन पर यमुना एक्सप्रेस वे के लोकापर्ण के रूप में नेता जी को जन्मदिन का तोहफा देने की बात भी कही।




वहीं दूसरी ओर सीएम अखिलेश यादव के तेवर देखने के बाद पार्टी के भीतर एक बार फिर बड़ी उठा पटक होने की नौबत आती दिखाई दे रही है। यूपी की सियासत और समाजवादी पार्टी को करीब से जानने वाले सियासी पंडितों का कहना है कि इस अध्याय के बाद बहुत हद तक संभव है कि नेता जी को बड़ा कदम उठाते हुए अपने किसी एक करीबी पर कार्रवाई करनी पड़ेगी। जिसमें हो सकता है कि सीएम अखिलेश यादव पर भी बतौर मुख्यमंत्री कोई गाज गिरे। एक हद तक संभव है कि नेता जी स्वयं मुख्यमंत्री बन कर इस विवाद पर पूर्ण विराम लगा देें। जिसके बाद पार्टी के भीतर की सियासत को सड़क पर लाने से भी रोका जा सकेगा।