मंदिर राजनीति में उतरे अखिलेश, बोले- सत्‍ता में आए तो भगवान विष्णु का भव्‍य मंदिर बनवाएंगे

मंदिर राजनीति में उतरे अखिलेश, बोले- सत्‍ता में आए तो भगवान विष्णु का भव्‍य मंदिर बनवाएंगे
मंदिर राजनीति में उतरे अखिलेश, बोले- सत्‍ता में आए तो भगवान विष्णु का भव्‍य मंदिर बनवाएंगे

लखनऊ। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर राजनीति में सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी उतर आए हैं अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा,’हम भगवान विष्णु के नाम पर लायर सफारी इटावा के निकट 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर नगर विकसित करेंगे। हमारे पास चंबल के बीहड़ में काफी भूमि है। इस नगर में भगवान विष्णु का भव्य मंदिर होगा। यह मंदिर कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तरह होगा।’

Akhilesh Yadav Jumps Into Temple Politics Says Vishnu Temple Etawah :

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यने एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा छेड़ा है। पिछले दिनों राम मंदिर के मामले में भाजपा की ओर से बड़ा बयान आया था। उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो हम राम मंदिर के लिए संसद से कानून पास कर सकते हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि कोई अन्य विकल्प शेष नहीं रहने पर यह रास्ता अपनाया जा सकता है और संसद के दोनों सदनों में उनकी पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल है।

अखिलेश ने वादा किया कि सत्ता में आने पर वह भगवान विष्णु के नाम पर एक शहर विकसित करेंगे। भगवान राम और भगवान कृष्ण, विष्णु के अवतार हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि शहर की योजना बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम को कंबोडिया भेजा जाएगा। यह शहर हमारे अतीत की संस्कृति और ज्ञान का केंद्र होगा।

उधर कंबोडिया सरकार का कहना है कि विराट रामायण मंदिर का डिजायन अंकोरवाट मंदिर की नकल है। कंबोडिया दूतावास ने विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। उसका कहना था कि अंकोरवाट मंदिर विश्व विरासत स्थल है और कंबोडिया के राष्ट्रीय ध्वज पर अंकित प्रतीक भी है। कंबोडिया सरकार के ऐतराज के बाद इस मसले पर केंद्र सरकार ने बिहार सरकार और मंदिर के प्रस्तावकों से इस संबन्ध में बात की है और प्रस्तावित मंदिर के डिजायन में बदलाव करने की सलाह दी है।

लखनऊ। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर राजनीति में सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी उतर आए हैं अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा,'हम भगवान विष्णु के नाम पर लायर सफारी इटावा के निकट 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर नगर विकसित करेंगे। हमारे पास चंबल के बीहड़ में काफी भूमि है। इस नगर में भगवान विष्णु का भव्य मंदिर होगा। यह मंदिर कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तरह होगा।' उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यने एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा छेड़ा है। पिछले दिनों राम मंदिर के मामले में भाजपा की ओर से बड़ा बयान आया था। उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो हम राम मंदिर के लिए संसद से कानून पास कर सकते हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि कोई अन्य विकल्प शेष नहीं रहने पर यह रास्ता अपनाया जा सकता है और संसद के दोनों सदनों में उनकी पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल है। अखिलेश ने वादा किया कि सत्ता में आने पर वह भगवान विष्णु के नाम पर एक शहर विकसित करेंगे। भगवान राम और भगवान कृष्ण, विष्णु के अवतार हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि शहर की योजना बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम को कंबोडिया भेजा जाएगा। यह शहर हमारे अतीत की संस्कृति और ज्ञान का केंद्र होगा। उधर कंबोडिया सरकार का कहना है कि विराट रामायण मंदिर का डिजायन अंकोरवाट मंदिर की नकल है। कंबोडिया दूतावास ने विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। उसका कहना था कि अंकोरवाट मंदिर विश्व विरासत स्थल है और कंबोडिया के राष्ट्रीय ध्वज पर अंकित प्रतीक भी है। कंबोडिया सरकार के ऐतराज के बाद इस मसले पर केंद्र सरकार ने बिहार सरकार और मंदिर के प्रस्तावकों से इस संबन्ध में बात की है और प्रस्तावित मंदिर के डिजायन में बदलाव करने की सलाह दी है।