बड़े ही लाड-प्यार से बीता ‘टीपू’ का बचपना, दादा-दादी के दुलारे थे ‘अखिलेश’

लखनऊ। यूपी की राजनीति में भूचाल तब आ गया जब सीएम अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार शाम पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया, पर सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक मसौदा है। क्या एक बाप अपने बेटे से अलग रह सकता है, खैर यह तो पारिवारिक मामला है।

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अगर बात की जाए अखिलेश के पालन- पोषण के बारे में तो उनका बचपना बेहद ही लाड़-प्यार के बीच बीता है। पिता के पास समय का अभाव होने के कारण अखिलेश का बचपना दादी-दादा के साथ ही बीता है। घर के दुलारे होने के कारण इनकी हर खवाइश का परिवार में हमेशा ध्यान रखा गया।




अखिलेश का जन्म एक जुलाई 1973 को इटावा में हुआ था और शुरुआती शि‍क्षा इटावा में हुई, जबकि स्‍कूलिंग राजस्थान के धौलपुर सैनिक स्कूल से हुई। बचपन में टीपू के नाम से मशहूर अखिलेश ने अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई मैसूर यूनि‍वर्सि‍टी से कि‍या और फिर पोस्‍ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए अखिलेश को आस्ट्रेलिया जाना पड़ा। 24 नवंबर 1999 को डिंपल के साथ अखिलेश ने सात फेरे लिए और आज के समय में इन दोनों के तीन बच्चे भी है। जिनका नाम अदिति, टीना और अर्जुन हैं।




राजनीतिक करियर की शुरुआत

पहली बार साल 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से उपचुनाव जीता और राजनीति में एक्‍टि‍व हुए। वह सीट पिता मुलायम सिंह यादव के इस्तीफे से खाली हुई थी। अखि‍लेश यादव साल 2000-2004, 2004-2009, 2009-2012 तक तीन बार सांसद रहे और बेहद खीचतान के बाद 2012 में प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बने।

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