अखिलेश की रथयात्रा से शिवपाल दूर

लखनऊ : समाजवादी कुनबे की कलह पर पर्दा डालने की भले कोशिश हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री की प्रस्तावित ‘विकास से विजय की ओर’ रथयात्र की तैयारी देखकर यही लगता है कि अभी भी ‘दरार’ भर नहीं पायी है। मुख्यमंत्री के रथ से लेकर अखिलेश समर्थकों के बैनर-पोस्टर तक से सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव की तस्वीर नदारद है। रथयात्र को लेकर जारी अधिकृत कार्यक्रम में भी अभी स्पष्ट नहीं है कि इसमें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव मौजूद रहेंगे या नहीं।




शिवपाल सिंह यादव के सपा प्रदेश अध्यक्ष होने के बावजूद मुख्यमंत्री के आयोजन में उनसे दूरी बनाई गयी है। वह भी तब जब शिवपाल ने खुद कहा था कि अगर अखिलेश उन्हें बुलाएंगे तो वह जरूर जाएंगे। रथयात्र कार्यक्रम का ब्योरा जारी करने वाले प्रदेश सरकार के मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने पूछे जाने पर कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव रथयात्र को हरी झंडी दिखाएंगे। हालांकि, उन्होंने शिवपाल को आमंत्रण दिए जाने संबंधी सवाल को अनसुना कर दिया। इस बीच मंगलवार को मुलायम सिंह यादव दिल्ली पहुंच गये हैं।

चौधरी यह भी बता नहीं पाये कि मुलायम सिंह यादव की वापसी कब होगी। यह जरूर कहा कि विस्तृत और विधिवत कार्यक्रम बुधवार को जारी करेंगे। मौजूदा रुख से जाहिर है कि शिवपाल से दूरी बनी हुई है। हालांकि, एक दलील यह भी दी जा रही है कि मुख्यमंत्री की रथयात्र सरकारी कार्यक्रम है। इसमें सरकार के विकास कार्यक्रमों को लेकर यात्र निकल रही है, इसलिए इसमें मुख्यमंत्री के अलावा सिर्फ सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की तस्वीर लगायी गयी है। दिवंगत लोहिया, जेपी और जनेश्वर की तस्वीर को विचारधारा के तौर पर लगाया गया है।




लोकतंत्र का इतिहास लिखने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार अपनी तीसरी रथयात्रा पर राजधानी से उन्नाव तक जाऐंगे। रथयात्रा को लेकर आम जनता में उत्साह चरम पर है। नौजवान, किसान, मजदूर और महिलाएं लखनऊ पहुंच रही हैं। बीते साढ़े चार वर्षों में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार ने जिस प्रकार समाज के अंतिम व्यक्ति की आंखों में खुशी और समृद्धि की चमक पहुंचायी है उससे जनता का भरोसा मजबूत हुआ है। यह बात समाजवादी पार्टी के उपाध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने एक बयान जारी कर कही। सपा नेता ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के साथ हर क्षेत्र में विकास की सुनिुश्चितता को जिस तेजी से पूरा किया गया वैसा पूरे देश में कहीं और नहीं दिखाई पड़ता। गरीबों मजलूमों के प्रति विशेष ध्यान देने की सोच ही अखिलेश यादव को जनता के नेता के तौर पर स्थापित कर रही है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि समाजवादी नीतियों पर चलते हुए आपसी सद्भाव और सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश करने में मौजूदा राजनीति में अखिलेश यादव का कोई विकल्प नहीं है। पिछड़ेपन की मार झेल रहे उत्तर प्रदेश का कायाकल्प करने की दिशा में चार से अधिक वर्ष का कार्यकाल पिछले 40 वर्ष की तुलना में बहुत आगे निकल गया जिसका प्रभाव अखिलेश के प्रति जनता के उत्साह और समर्थन से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बसों, टे्रनों सहित अन्य अपने साधनों से भी रथयात्रा में शामिल होने वालो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नौजवानों की सक्रियता से कार्यक्रम की सफलता को बल मिल रहा है। इस रथ यात्रा से पूर्व हजारों किमी की साइकिल यात्रा का रिकार्ड भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम दर्ज है। वे पहली बार वर्ष 2001-02 में क्रांति रथ यात्रा पर निकले थे।




वर्ष 2011-12 में भी वे क्रांतिरथ से पूरे प्रदेश में जनसंवाद पर निकले थे जिससे प्रदेश में बहुमत की समाजवादी सरकार बनी। वर्ष 2016-17 में विकास रथ से फिर श्री यादव लोकतंत्र की आवाज बुलंद करेंगे। यह रथ वास्तव में समाजवादी सिद्धांतों और विचारों को समर्पित ऐतिहासिक रथ होगा। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर अन्य दल जनसभा मात्र से ही अपने चुनावी वर्ष में सक्रिय होने की इतिश्री कर रहे हैं, वही अखिलेश यादव रथ यात्रा के पहले चरण में सड़कों पर उतर कर जनता को समाजवादी सरकार बनाने के लिए धन्यवाद देते हुए आगामी चुनाव में भी समर्थन की अपील करने जा रहे हैं। विकास से विजय की ओर के माध्यम से जनता के जुड़ाव को और अधिक मजबूत करने के साथ प्रदेश को एक बार फिर से नयी ऊंचाई पर ले जाने के लिए जनादेश प्राप्त करना भी लक्ष्य है।