CM अखिलेश की लिस्ट से अपर्णा का नाम गायब, अपने ‘ब्रैंड’ के बूते लड़ सकते हैं चुनाव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के 325 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किए जाने के बाद एक बार फिर परिवारिक कलह सामने आई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कल शाम मुलायम सिंह के नामों पर विरोध दर्ज कराते हुए 235 नामों की लिस्ट भेज दी। प्रत्याशियों के नाम के चुनाव के बाद पैदा हुई कलह ने एक बार फिर सपा कुनबे में रार पैदा कर दी है। सपा मुखिया और सीएम अखिलेश की लिस्ट में अगर गौर किया जाये तो दोनों में 145 नाम कामन हैं, जिनमें कई बाहुबली और विवादित नाम शामिल हैं। वहीं अखिलेश ने अपनी लिस्ट में अपर्णा यादव और गायत्री प्रसाद प्रजापति का नाम नहीं दिया है।




अखिलेश की लिस्ट में सबसे बड़ी बात यह है कि उसमें मुलायम की बहू अपर्णा यादव का नाम गायब है। वहीं समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले इटावा से कैंडिडेट को अखिलेश ने वेटिंग में डाला है। बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा का भी अखिलेश की लिस्‍ट से नाम कट गया है। सपा ने हाल ही में गायत्री प्रजापति को पार्टी का नेशनल सेक्रेटरी बनाया, लेकिन अखिलेश ने उनका नाम काट दिया।




रामगोपाल यादव ने किया समर्थन—

बीते दिनों हुए सपा के परिवार-वार में प्रो. रामगोपाल यादव सीएम अखिलेश के साथ नजर आए थे। जिसके बाद सपा मुखिया ने उन्हे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। एक बार फिर पार्टी में वापसी के बाद टिकट के विवाद में भी रामगोपाल अखिलेश के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

अखिलेश के नजदीकी सूत्र बताते है कि टिकट बंटवारे में अनदेखी के बाद अखिलेश की आक्रामकता सिर्फ दिखाने के लिए नहीं है। अगर उनके पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव उनकी बात नहीं मानते हैं, तो वह अपना रास्ता अलग करने का मन बना चुके हैं। सूत्रों ने संकेत दिया कि अखिलेश इस संभावित घटनाक्रम के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं और अगर उन्हें अलग होना पड़ता है, तो वह चुनावी मैदान में अपने ‘ब्रैंड’ के बूते उतरेंगे।