राजा भैया से अखिलेश यादव की बढ़ी दूरी, कहा- लगता नहीं वो हमारे साथ हैं

राजा भैया ,अखिलेश यादव
राजा भैया से अखिलेश यादव की बढी दूरी, कहा- लगता नहीं वो हमारे साथ हैं

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राजा भैया के बारे में कहा कि लगता तो नहीं कि राजा भैया हमारे साथ हैं। जो दूर हैं वो हमसे दूर रहें जो साथ नहीं हैं। इसीलिए उनसे संबंधित ट्वीट डिलीट कर दिया था। यादव ने शनिवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। दरअसल, यूपी में हाल ही में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव हुए हैं। जिसमें एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर भीमराव अंबेडकर ने चुनाव लड़ा और वो हार गए। इस चुनाव में राजा भैया की भूमिका को लेकर बड़े सवाल उठे थे।

Akhilesh Yadav Said Do Not Think That Raja Raja Bhaiya Is Not With Us Mayawat :

बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट डिलीट कर दिया था। इस ट्वीट में राज्यसभा चुनाव में राजा भैया के समर्थन के लिए अखिलेश ने उन्हें थैंक्स कहा था। हालांकि  राजा भैया ने अखिलेश यादव को समर्थन का वादा किया था और वोटिंग के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।

हालांकि, मतदान के दौरान राजा भैया ने समाजवादी पार्टी के समर्थन का ऐलान किया। जबकि उन्होंने साफ कहा था कि वह बसपा के साथ नहीं हैं। चुनाव नतीजे के बाद बसपा सुप्रीमो ने सपा के साथ गठबंधन जारी रखने का बयान दिया। इस बीच अखिलेश यादव ने राजा भैया को लेकर किया गया अपना ट्वीट भी हटा लिया।

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर बीजेपी के अनिल कुमार अग्रवाल से हार गए थे। ये वही राजा भैया हैं, जिनके खिलाफ माया सरकार में जमकर कहर बरपाया गया। माया सरकार में राजा भैया और उनके पिता उदय प्रताप सिंह पर आतंकवाद निरोधक कानून पोटा सहित दर्जनों केस लगे और उन्हें कई महीने जेल की हवा खानी पड़ी थी।

राज्यपाल पर बोले :

अखिलेश ने कहा कि जरूरी नहीं कि सरकार राज्यपाल के हर मशविरे को माने ही। जब वह सीएम थे तो राज्यपाल के कहने पर सचिवालय के नए भवन का नाम लोक भवन रखा था।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राजा भैया के बारे में कहा कि लगता तो नहीं कि राजा भैया हमारे साथ हैं। जो दूर हैं वो हमसे दूर रहें जो साथ नहीं हैं। इसीलिए उनसे संबंधित ट्वीट डिलीट कर दिया था। यादव ने शनिवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। दरअसल, यूपी में हाल ही में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव हुए हैं। जिसमें एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर भीमराव अंबेडकर ने चुनाव लड़ा और वो हार गए। इस चुनाव में राजा भैया की भूमिका को लेकर बड़े सवाल उठे थे।बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट डिलीट कर दिया था। इस ट्वीट में राज्यसभा चुनाव में राजा भैया के समर्थन के लिए अखिलेश ने उन्हें थैंक्स कहा था। हालांकि  राजा भैया ने अखिलेश यादव को समर्थन का वादा किया था और वोटिंग के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।हालांकि, मतदान के दौरान राजा भैया ने समाजवादी पार्टी के समर्थन का ऐलान किया। जबकि उन्होंने साफ कहा था कि वह बसपा के साथ नहीं हैं। चुनाव नतीजे के बाद बसपा सुप्रीमो ने सपा के साथ गठबंधन जारी रखने का बयान दिया। इस बीच अखिलेश यादव ने राजा भैया को लेकर किया गया अपना ट्वीट भी हटा लिया।गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर बीजेपी के अनिल कुमार अग्रवाल से हार गए थे। ये वही राजा भैया हैं, जिनके खिलाफ माया सरकार में जमकर कहर बरपाया गया। माया सरकार में राजा भैया और उनके पिता उदय प्रताप सिंह पर आतंकवाद निरोधक कानून पोटा सहित दर्जनों केस लगे और उन्हें कई महीने जेल की हवा खानी पड़ी थी।राज्यपाल पर बोले :अखिलेश ने कहा कि जरूरी नहीं कि सरकार राज्यपाल के हर मशविरे को माने ही। जब वह सीएम थे तो राज्यपाल के कहने पर सचिवालय के नए भवन का नाम लोक भवन रखा था।