#Budget2019: यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश ने बजट पर ली चुटकी, जानिए क्या कहा?

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Akhilesh Yadav Tweets And Targets Bjp Government

लखनऊ। लोकसभा 2019 से पहले मोदी सरकार की तरफ से 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया जा रहा है। ् इस बार का बजट पीयूष गोयल की तरफ से पेश कर रहे हैं। वित्त मंत्री पीयूष गोयल राष्ट्रपति से औपचारिक मंजूरी लेने के बाद संसद भवन पहुंचे। इसी बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार के अंतिम बजट पेश करने से पहले सरकार पर निशाना साधा है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर अकांउट पर ट्वीट कर मोदी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने अपने ट्विटर अकांउट पर लिखा है जब हर क्षेत्र में देश गया घट, तो क्या करोगे ला कर बजट। उन्होंने दूसरी लाइन में लिखा है तैयार हो जाइए आनेवाला है झूठ का पुलिंदा जिसमें सच को छोड़कर सब कुछ होगा। आपको बता दें कि अरुण जेटली की तबीयत खराब होने की वजह से रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। कुछ महीनों में चुनाव होने हैं ऐसे में माना जा रहा है कि यह बजट चुनावी रूप से प्रेरित होगा। 2018 के आखिर में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों खासकर एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार और आने वाले आम चुनाव को देखते हुए ये कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार किसानों पर मेहरबान हो सकती है।

लखनऊ। लोकसभा 2019 से पहले मोदी सरकार की तरफ से 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया जा रहा है। ् इस बार का बजट पीयूष गोयल की तरफ से पेश कर रहे हैं। वित्त मंत्री पीयूष गोयल राष्ट्रपति से औपचारिक मंजूरी लेने के बाद संसद भवन पहुंचे। इसी बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार के अंतिम बजट पेश करने से पहले सरकार पर निशाना साधा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर अकांउट पर ट्वीट कर मोदी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने अपने ट्विटर अकांउट पर लिखा है जब हर क्षेत्र में देश गया घट, तो क्या करोगे ला कर बजट। उन्होंने दूसरी लाइन में लिखा है तैयार हो जाइए आनेवाला है झूठ का पुलिंदा जिसमें सच को छोड़कर सब कुछ होगा। आपको बता दें कि अरुण जेटली की तबीयत खराब होने की वजह से रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। कुछ महीनों में चुनाव होने हैं ऐसे में माना जा रहा है कि यह बजट चुनावी रूप से प्रेरित होगा। 2018 के आखिर में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों खासकर एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार और आने वाले आम चुनाव को देखते हुए ये कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार किसानों पर मेहरबान हो सकती है।